नामांकन के पहले प्रियंका के कार्यक्रम को माना भूल, मतदान के दिन तक असर बनाये रखने के लिए 20 अप्रैल के आसपास आयेगीं

IMG-20210112-WA0003

उरई। प्रियंका गांधी का यहां 3 और 4 अप्रैल को प्रस्तावित दौरा स्थगित हो जाने से कांग्रेसी सदमे में हैं। प्रत्याशी बृजलाल खाबरी सहित पार्टी के सारे स्थानीय दिग्गज सोमवार को दिन भर प्रियंका के दौरे का रूट एसपीजी को दिखवाते हुए पसीना बहाते रहे और शाम को सूचना आ गई कि वे अब नही आयेगीं। उनके दौरे को स्थगित करने का कोई कारण भी नही बताया गया है।
जनमानस में इसके कारण पार्टी की संभावनाओं को जो मनोवैज्ञानिक आघात पहुंचा है उसकी भरपाई के लिए प्रियंका के आने की नई तिथि तय कराने को बृजलाल खाबरी ऐड़ी-चोटी का जोर लगाये हुए हैं। बृजलाल ने बताया कि 20 अप्रैल के आसपास प्रियंका गांधी यहां नुक्कड़ सभाएं और रोड-शो करेगीं। तारीख का एलान जल्द ही हो जायेगा।
वैसे नामांकन के पहले ही प्रियंका के कार्यक्रम का कोई औचित्य नही माना जा रहा। सीनियर कांग्रेसी तक कह रहे हैं कि जिन लोगों के हाथ में चुनाव संचालन की बागडोर ऊपर है वे बेतुके कार्यक्रम बना रहे हैं। दूरदर्शिता के नाते प्रियंका का कार्यक्रम चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में होना चाहिए तांकि उसका प्रभाव मतदान के दिन तक बना रह सके। बहुत पहले कार्यक्रम से आशंका थी कि अंत तक इसका असर पूरी तरह धुल जाता।
इसके अलावा पार्टी को यह भी ध्यान रखना होगा कि जहां-जहां प्रियंका के कार्यक्रम हो रहे हैं वहां उनके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जनसभाएं तय करा सकते हैं। क्योंकि भाजपा किसी भी तरह की गफलत को रोकने के लिए चैकन्नी है। अनुभवी कांग्रेसियों का कहना है कि इसके मददेनजर हो सके तो प्रियंका का कार्यक्रम मोदी की सभा हो जाने या उसकी संभावना समाप्त हो जाने के बाद कराया जाये।
इस बीच 15 अप्रैल तक जब चुनाव प्रचार अपने शबाब पर पहुंच जायेगा इसके बाद और भी स्टार प्रचारकों की ताबड़तोड़ सभाएं करके प्रतिद्वंदियों को चैंधिया देने की रणनीति कांग्रेसियों के दिमाग मे है। इसके लिए जो नाम कांग्रेसियों के जहन में है उनमें शत्रुघन सिन्हा और इमरान प्रतापगढ़ी प्रमुख हैं। ध्यान रहे कि इस संसदीय क्षेत्र में 10 अप्रैल को नाम वापसी की तिथि गुजर जाने के बाद असली प्रचार शुरू होगा और 29 जुलाई को मतदान होना है।