पदमशाह बाबा की दरगाह पर उर्स के दूसरे दिन कव्वालियों का मुकाबला

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उरई। अंबेडकर चौराहा स्थित पदमशाह बाबा की दरगाह के सालाना उर्स के दूसरे दिन मंगलवार की रात कब्बालियों का जोरदार मुकाबला हुआ। इसके पहले जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर और पुलिस अधीक्षक स्वामी प्रसाद ने दरगाह में पहुंचकर बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा निवेदित की। इस मौके पर पत्रकार राशिद खान के सवाल के जबाव में जिलाधिकारी ने कहा कि जिस तरह नेकी के लिए बाबा के उर्स में सभी वर्ग के लोग भेदभाव भुलाकर शामिल हो रहे हैं वैसे ही वे 29 अप्रैल को जिले में होने जा रहे लोकसभा चुनाव में एकजुट होकर अच्छे उम्मीदवार के लिए मत प्रयोग करें।
उर्स कमेटी के सरपरस्त मुमताज रहमानी, रूहे खां, जमाल छोटू, अध्यक्ष आरिफ कादरी, शायर मुही आजम, मुन्ना अंसारी और पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर, राशिद खां पहले दिन की तरह ही दूसरे दिन के कार्यक्रम में शामिल होकर इंतजाम में हाथ बंटाते रहे।
उपस्थित लोगों में नगर पालिकाध्यक्ष अनिल बहुगुणा, तौसीफ रहमानी, असरफ मंसूरी, कृपा शंकर द्विवेदी बच्चू महाराज, जगदीश तिवारी आदि भी उल्लेखनीय रहे।
अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने फीता काटकर जबावी कव्वाली का शुभारंभ किया। कव्वाल इमदाद साबरी ने देश प्रेम के तराने से शुरूआत की। उन्होंने कहा कि दिलों में हुब्बे वतन है तो एक रहो, निखारना ये वतन है तो एक रहो। बाद में मुकाबिल कव्वाल नौशाद अली खान ने पूरे रौ में सुनाया मुझमें थोड़ी सी भी जगह नही नफरत के लिए, मैं तो हर वक्त मुहब्बत से भरा रहता हूं।
रिमझिम फुहारों के बीच कव्वाली की बज्म सुबह तक चली। जिसमें जाने-माने शायर वाहिद अंसारी मालेगांव ने आम श्रोता की तरह मौजूद रहकर कव्वालों को उनके कलाम पर दाद दी।
पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष विजय चौधरी, शहजादे चिश्ती, जुबेर आलम, संतोष यादव, गुफरान मंसूरी, रहमान अंसारी, रिजवान मास्टर, चुन्नू इंडिका, अहमद मंसूरी, सलीम खान, शहादत अली, भूरे शाह आदि भी मौजूद रहे। संचालन रफी अहमद पन्नू ने किया।