राजनाथ सिंह को घेरने में कोई कसर नही छोड़ रहा विपक्ष

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नई दिल्ली। विपक्ष का अंदरखाने आंकलन यह है कि आगामी लोकसभा में भाजपा का बहुमत समाप्त हो जायेगा लेकिन सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा कायम रहेगा। ऐसे में गठबंधन से सरकार बनाने की उसकी कोशिश में अंदरूनी झगड़े को उभारने के लिहाज से उसकी निगाह नितिन गडकरी के साथ-साथ राजनाथ सिंह पर भी है। दूसरी ओर विपक्ष राजनाथ सिंह पर कोई रहम भी नही कर रहा। सोमवार को शत्रुघन सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को पार्टी में शामिल कर समाजवादी पार्टी के नेतृत्व ने उन्हें राजनाथ सिंह के खिलाफ लखनऊ से चुनाव मैदान में उतारने का संकेत दिया था। आज कांग्रेस ने अपने समर्थक चर्चित संत कल्कि पीठ के प्रमुख आचार्य प्रमोद कृष्णम की उनके सामने उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है।
विपक्ष चुनाव बाद बनने वाले समीकरणों में राजनाथ सिंह से उम्मीद रखने के बावजूद उन्हें वाकओवर देने नही जा रहा। एक दिन पहले जब लखनऊ से उनके मुकाबले फिल्म स्टार से राजनेता बने शत्रुघन सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को उनके मुकाबिल खड़ा करने का इशारा सपा ने दिया था तो यह माना गया था कि पूनम सिन्हा राजनाथ सिंह को लखनऊ में कायस्थों और सिंधियों की खासी तादाद के मददेनजर मुस्लिम समर्थन बटोरकर राजनाथ सिंह को कड़ी चुनौती दे सकतीं हैं। कयास लगाये जा रहे थे कि पूनम सिन्हा का पलड़ा मजबूत रखने के लिए कांग्रेस भी लखनऊ से उम्मीदवार खड़ा करने की बजाय उनका समर्थन करेगी। लेकिन इसे झुठलाते हुए कांग्रेस ने बुधवार को लखनऊ से आचार्य प्रमोद कृष्णम की उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है। हालांकि आचार्य प्रमोद की उम्मीदवारी को विपक्ष का रणनीतिक पैंतरा माना जा रहा है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम उत्तर प्रदेश के संभल जिले के एचोड़ा कम्बोह गांव के रहने वाले हैं। कल्कि पीठ की स्थापना उन्होंने अपने गांव में ही की है। वे औपचारिक रूप से कांग्रेस में नहीं हैं लेकिन टीवी चैनलों पर होने वाली बहस में भाजपा की अपने तरीके से धज्जियां उड़ाते रहे हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम जाति से ब्राहमण है और असर डालने वाली स्पीच में माहिर हैं। साथ ही राम मंदिर निर्माण में भाजपा के पाखंड को बेनकाब करने के लिए सक्रिय संतों की टोली के अगुवा हैं। कांग्रेस द्वारा उन्हें उम्मीदवार बनाने से भाजपा को बड़ी क्षति हो सकती है। इसलिए समाजवादी पार्टी का खेमा अंदर ही अंदर उनकी उम्मीदवारी से खुश है।
उधर कांग्रेस ने केसरगंज से विनय पाण्डेय को उम्मीदवार बना दिया है। 2009 में वे श्रावस्ती सीट से लोकसभा सदस्य रह चुके हैं। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की मध्य प्रदेश की इंदौर की सीट पर कांग्रेस ने पंकज संघवी की उम्मीदवारी की घोषणा की है।