राज्य स्तरीय टीम द्वारा कदौरा स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर खामियों पर दिए गए निर्देश

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कदौरा। कदौरा स्वास्थ्य केंद्र में राज्यस्तरीय कंसलटेंट नेशनल प्रोग्राम अधिकारी द्वारा टीम सहित निरीक्षण करते हुए केंद्र की व्यवस्थाओं की स्थिति देखी गई जहां प्रत्येक कक्ष में अधिकारियों को निर्देश देने पड़े। कहीं नर्स मरीजों के प्रति अनट्रेंड थी तो कही स्वास्थ्य केंद्र में रजिस्टर मेंटेन नहीं था। वहीं उक्त केंद्र में वर्षों से रिक्त एलटी पद व अन्य अव्यवस्थाओं की जानकारी देने पर टीम हर अधिकारी की तरह कलम चलाकर लौट गई।
गौरतलब हो कि आज पुन: कदौरा स्वास्थ्य केंद्र विजिट के लिए आई राज्य स्तरीय टीम में प्रोग्राम अधिकारी डा. अभिषेक द्वारा सीएचसी की व्यवस्थाओं को बिंदुवार देखा गया जिसमें सर्वप्रथम केंद्र में 108 व 102 एंबुलेंस के संचालन व लेखाजोखा की जानकारी ली गई एवं मरीज हाल की व्यवस्थाओं के बाद डिलवरी हाल में सरकार की नसबंदी व डिलीवरी योजनाओ में मिलने वाले अनुदान की सूची कक्ष के बाहर लिखवाने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्टाफ नर्सों के साथ प्रसव कक्ष में उनकी दक्षता के संबंध में जानकारी लेते हुए आक्सीजन सिलेंडर से मरीज को आक्सीजन देने के लिए कहा गया तो नर्स उक्त सिलेंडर से आक्सीजन पंप ही चालू नहीं कर सकी जिसे चिकित्साधिकारी अशोक चक्र द्वारा चालू किया गया। वहीं कोई भी रजिस्टर मेंटेन व्यवस्थित नहीं था जिस पर टीम द्वारा बड़ी दबी जुबान से निर्देश देकर बताया गया कि एेसे किया जाता है जिसके बारे में पूर्ण जानकारी नर्सों को थी ही नहीं। वहीं साफ सफाई के बारे व अन्य सवाल करने पर मौजूद स्टाफ नर्स जवाब ही नहीं दे पाई। इसके उपरांत टीम द्वारा कंडोम बाक्स को सही जगह लगाने के निर्देश देते हुए पैथालाजी पर निरीक्षण करते हुए रजिस्टर सही मेंटेन न होने पर निर्देश देते हुए सही रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया एवं घंटों स्टाफ के साथ सुधार निर्देश दिए गए। वहीं चिकित्साधिकारी डा. अशोक चक द्वारा बताया कि सीएचसी में एलटी चिकित्सक स्टाफ सीबीसी मशीन नर्स स्टाफ सहित अन्य व्यवस्थाओं की कमी है। फिलहाल दर्जनों आधिकारिक टीम व मंत्रियों के निरीक्षण के बाद भी कदौरा सीएचसी में समस्याओं में नर्स चिकित्सक एलटी व सीबीसी मशीन की व्यवस्था पर कोई गौर नहीं हुआ तो क्या उक्त निरीक्षण विजिट जांच महज खानापूर्ति के लिए होती है क्योंकि हर अधिकारी को अवगत कराने के बाद भी वर्षों तक समस्या जस की तस बनी रहे तो क्या माना जाएगा क्योंकि केंद्र एलटी की जगह अन्य के द्वारा मरीजों की जांचें की जाती हैं, डिलीवरी अनट्रेंड नर्सों द्वारा की जाती है जिन्हें इमरजेंसी में आक्सीजन पंप खोलना नहीं आता तो स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे ही मानिए। वहीं प्रेस वार्ता में प्रोग्राम अधिकारी डा. अभिषेक द्वारा बताया गया कि सहयोगात्मक पर्यवेक्षण किया गया जिसमें साफ सफाई संतोषजनक थी। वहीं कंडोम बाक्स को सही जगह व रिफ्लर रजिस्टर को सही तरीके से भरने सहित गर्भधात्री महिलाओं के अनुदान योजना की सूची चस्पा करने के निर्देश दिए गए। वहीं पर्यवेक्षण में कंसलटेंट नेशनल प्रोग्राम अधिकारी डा. अभिषेक (लखनऊ), धीरेंद्र प्रताप डिस्ट्रिक अकाउंट मैनेजर सहित डा. अशोक चक, डा. विशाल, फार्मेसिस्ट राजकुमार, विनोद कुमार, शैलेंद्र सिंह, बीपीएम गोविंद नारायण शर्मा, बीसीपीएम अनीश, शिवम सहित स्टाफ मौजूद रहा।