दबंगों ने दलित दम्पत्ति को पीटा, पुलिस नहीं लिख रही रिपोर्ट

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उरई। एक ओर नये निजाम में गांवों में दलित उत्पीड़न की घटनाऐं बढ़ने लगीं हैं वहीं पुलिस किसी ऊपरी आदेश के चलते इन मामलों में कार्रवाई करने में उदासीनता बरतती नजर आती है जिससे कमजोर वर्ग के लिए भीषण दुश्वारियां पैदा हो रही हैं।
ताजा मामला सिरसाकलार थाने का है। ग्राम चकगहपुरा निवासी गोविंद मंगलवार को सुबह खेत में बंधा बनवा रहे थे। इसके लिए जेसीबी चल रही थी तभी दमरास का सर्वेश सिंह, शिवशंकर और सोनवीर के साथ आ गया। उसके खेत में हो रहे कार्य को देखकर वह जलन की भावना से भड़क उठा।
विवाद होने पर कहने लगा कि नीच जाति होकर तुम लोग इतने बढ़ गये हो कि जेसीबी मंगवाकर काम कराने की औकात तुम्हारी हो गई है। अपमान जनक शब्दों के प्रयोग से जब गोविंद ने उसे रोका तो वह हमलावर हो गया और उसने गोविंद और पास में खड़ी उसकी पत्नी कुसमा के साथ मारपीट कर डाली। इस अत्याचार को लेकर गोविंद ने शाम को ही तीनों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कराने के लिए थाने में प्रार्थना पत्र दे दिया था पर पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक का ध्यान आकर्षित कराते हुए उनसे हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।