आखिर क्यों नहीं की जा रही सीसी सडक़ की जांच

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उरई। नगर पालिका में एक चर्चित ठेकेदार की कार्यप्रणाली चर्चाओं में है। इसके बाद भी जिम्मेदार उस पर कार्रवाई करने से पीछे हट रहे हैं। हर बार चर्चित सजातीय ठेकेदार को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया जाता है जिसके चलते उक्त ठेकेदार द्वारा घटिया और मानकविहीन कार्य करवाया जा रहा है तो वहीं पालिका के एक जेई की भूमिका भी संदिग्ध बनी हुई है।

हम बात कर रहे हैं नगर पालिकाध्यक्ष के सबसे खास और चहेते सजातीय ठेकेदार की जो कि हमेशा निर्माण कार्यों में अनियमितता के चलते चर्चाओं में रहते हैं। इन ठेकेदार ने वार्ड नंबर बारह में शिक्षक युद्धवीर कंथारिया के मकान से महेश वर्मा के मकान तक सीसी सडक़ बनाई है। हालांकि इस सडक़ में एक और ठेकेदार उनके पार्टनर हैं। इस सडक़ को मानक के अनुसार तो बनाया ही नहीं गया है लेकिन सबसे बड़ी बात तो ये है कि इस सडक़ का ठेका देने में नियमों को भी दरकिनार किया गया है। इस सडक़ का टेंडर हुआ लेकिन टेंडर प्रक्रिया में तीन टेंडरों को डालना चाहिए लेकिन दो टेंडरों में ही इस काम को उक्त ठेकेदार को दे दिया गया जो कि नियम के विपरीत है। दूसरी बात तो ये है कि जिस सडक़ को बनाया गया है वह इतनी खराब नहीं थी कि इस सडक़ को बनवाया जाए। नगर में कई सडक़ें ऐसी हैं जिनको बनवाया जाना बेहद जरूरी है लेकिन यह सडक़ जो थोड़ी सी खराब थी जिसे ठीक कराया जा सकता था लेकिन पालिका के जिम्मेदारों ने ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इसे दोबारा बनवा दिया। इस सडक़ को लगभग तेरह लाख रुपए में बनवाया गया जबकि इसे मात्र दो लाख रुपए में रिपेयर किया जा सकता था। इस सडक़ की कहानी भी अजीब है। इसको पूर्व पालिकाध्यक्ष काशी वर्मा के समय बारह लाख से ज्यादा की लागत से बनवाया गया था। उसके बाद इसी सडक़ को इंटरलाकिंग करवाया गया जिसमें भी दस लाख से ज्यादा रुपए खर्च हुए थे। एक बार फिर उसी सडक़ को लाखों खर्च करके बनवा दिया गया। इस सडक़ के घटिया और नियमों को दरकिनार कर बनाए जाने को लेकर पालिका के ही एक सभासद ने आवाज उठाई और पालिका ईओ संजय कुमार को शिकायती पत्र देकर सडक़ निर्माण की जांच किए जाने की मांग की। शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों ने चर्चित ठेकेदार द्वारा बनवाई गई सडक़ की जांच नहीं की बल्कि उस ठेकेदार की भुगतान की फाइल भुगतान पटल तक पहुंचा दी। इस पूरे मामले में पालिका के जेई की भूमिका भी संदिग्ध रही जिन्होंने बिना जांचे परखे इस सडक़ को पास कर दिया।