बुजुर्गों के सम्मान को धर्म का सबसे बड़ा रूप बताया प्रदीप दीक्षित ने

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उरई। जिस घर में बुजुर्गों का सम्मान होता है वह घर स्वर्ग के समान हो जाता है। यह बात माहिल तालाब पर जय मातेश्वरी समिति के तत्वावधान में आयोजित कवि सम्मेलन में संस्था के अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव प्रदीप दीक्षित ने कही।
इस अवसर पर कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता और साहित्यकार यज्ञदत्त त्रिपाठी ने गांधी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. रविशंकर अग्रवाल का नागरिक अभिनन्दन किया। संरक्षक शिवराम दीक्षित एडवोकेट, अवनीन्द्र सिंह जादौन, डा. रामप्रकाश द्विवेदी, बब्बुल महाराज आदि गणमान्यों ने मंच पर उपस्थित कविगणों का माल्यापर्ण कर स्वागत किया।
मंजु त्रिपाठी की सरस्वती वंदना से कवि सम्मेलन का श्रीगणेश किया गया। मऊरानीपुर से पधारे पीयूष निराला ने हास्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को लोट-पोट कर दिया। नीलम कश्यप ने जी मे आये मुझे सजा दीजिए, पर खता पहले बता दीजिए….. रचना पढ़ी। बाम्हौर से पधारे हरनाथ सिंह ने तीखे व्यंग्य से विषंगतियों को भेद डाला। रवि शर्मा ने अपनी श्रंगारिक रचना में आम लिखू या खास लिखू भूख लिखू या प्यास लिखू…. पढ़कर श्रोताओं का मन मोह लिया।
शफीकुर्रहमान कश्फी, अनुज भदौरिया, असरार अहमद मुकरी, प्रिया श्रीवास्तव, महेश प्रजापति, शत्रुघन सिंह, रामादेवी एवं कार्यक्रम संयोजक वीरेंद्र तिवारी ने भी रचनाएं पढ़ीं। संचालन कृपाराम कृपालु ने किया।
सम्मानित किये गये प्रधानाचार्य डा. रविशंकर अग्रवाल ने आभार जताया। समिति के महामंत्री बाबूराम कौशल, कोषाध्यक्ष रघुराज पत्रकार ने कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद यादव का माल्यापर्ण किया। अंत में कांग्रेस नेता रामेश्वर दयाल दीक्षित के नाती के आकस्मिक निधन पर 2 मिनट का सामूहिक मौन धारण कर शोक व्यक्त किया गया।