सुदामा चरित्र की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रोता

20191128_121956
FB_IMG_1587918853640

कुठौन्द(जालौन)-.

कुठौन्द के पीपरी गहरवार में चल रही भगवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में
में कथा बाचक उदितानन्द व्रमहचारी जी ने शनिबार को सुदामा चरित्र सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
कथा बाचक ने कथा सुनाते हुए कहा कि गुरु के साथ कपट और मित्र के संग चोरी नही करनी चाहिए और अगर यह करता है तो करने वाला दरिद्र हो जाता है और उसे कुष्ठ रोग हो जाता है। आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने के दौरान सुदामा ने अपने मित्र कृष्ण की नजर बचाकर गुरु के दिए चने अकेले ही खा लिए जिस कारण वह दरिद्रता को प्राप्त हुए। सुदामा ने एक दिन पत्नी को अपनी और भगवान कृष्ण की दोस्ती के बारे में बताया तो सुदामा की पत्नी ने उन्हें कृष्ण जी के पास जाकर जीवन निर्वाह के लिए कुछ धन लाने को कहा। द्वारिकापुरी में भगवान कृष्ण ने बचपन के मित्र सुदामा की खूब खातिरदारी की और सुदामा के प्रेम में मगन होकर आंसुओं से उनके पैर धो डाले। इसके बाद भगवान ने सुदामा को अलौकिक वरदान देकर घर भेजा।कथा के बाद में पारीक्षित श्रीमती राजेस्वरी एवं श्री राम स्वरूप द्विवेदी ने आरती कर सभी को आरती दी और आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *