महिला दरोगा के साथ अभद्रता व छीनाझपटी करने वालों पर पुलिस मेहरबान

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उरई। बीती 25 जुलाई को लाक डाउन के दौरान बघौरा रोड स्थित एक प्राइवेट कार्यालय में मौजूद कंपनी के कर्ताधर्ताओं द्वारा महिला दरोगा के साथ अभद्रता करने एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में अभी भी पुलिस आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। हालात तो यह हैं कि महिला दरोगा द्वारा प्रार्थना पत्र देने के बावजूद भी मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था लेकिन इसमें भी आरोपियों के नामों में हेरफेर कर दी गई। वहीं चौकी इंचार्ज द्वारा घटना स्थल से पकड़ी गई गाड़ी भी आरोपियों को सौंप दी गई।
बताते चलें कि बीती 25 जुलाई को लाक डाउन के दौरान जब महिला शक्ति मोबाइल टीम प्रभारी रानी गुप्ता अपनी टीम के साथ चुर्खी रोड पर गश्त कर रही थी तभी आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की दूसरी मंजिल पर कुछ लोगों को खड़ा देखा जिस पर वह अपने हमराहियों के साथ ऊपर पहुंची तो वहां दर्जनों की संख्या में लडक़े लड़कियां मौजूद थे जिसके चलते पुलिस ने उनसे पूछताछ की और सबका नाम पता नोट किया लेकिन इसी दरम्यान कंपनी के कर्ताधर्ता महिला शक्ति टीम प्रभारी से अभद्रता करने लगे और महिला दरोगा के हाथ से डायरी व मोबाइल छीनकर डायरी को फाड़ दिया और मोबाइल को जमीन पर फेंक कर तोड़ डाला। युवकों की आक्रामक स्थिति देख महिला दरोगा ने तुरंत ही आलाधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया जिस पर क्षेत्राधिकारी और कोतवाल तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे लेकिन तब तक कार्यालय में मौजूद सभी लोग भाग गए लेकिन पुलिस ने एक गाड़ी को घटना स्थल से बरामद कर लिया। महिला दरोगा के साथ हुई अभद्रता को लेकर आलाधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। महिला दरोगा ने दो लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। मामला जेल चौकी इंचार्ज के पास पहुंचा लेकिन उन्होंने भी मामले को घुमाफिरा दिया और जो नाम महिला दरोगा ने दिए थे उनके नामों में भी हेरफेर कर दिया और कोई भी कड़ी कार्रवाई करने की बजाय मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं बीते दिन आरोपियों की बाइक भी ससम्मान आरोपियों को सौंप दी। एफआईआर में भी महिला दरोगा के नाम को शामिल नहीं किया गया। अब देखना यह है कि महिला दरोगा से जिस तरीके से युवकों ने अभद्रता व छीनाझपटी की व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाते हुए मोबाइल तोड़ डाले। इस मामले पर आलाधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं क्योंकि चौकी इंचार्ज ने तो पूरी तरीके से आरोपियों को अभयदान दे दिया। सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले को लेकर महिला दरोगा ने पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया और कहा कि चौकी इंचार्ज द्वारा इस मामले पर न्याय संगत कार्रवाई नहीं की गई इसलिए इस मामले की किसी अन्य सक्षम अधिकारी से विवेचना कराई जाए।
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मुन्नी
मुन्नी
30 days ago

हद्द हो गयी