मंडी में खरीद फरोख्त न होने से किसान परेशान मंडी शुल्क के विरोध में 21 से बंद है गल्ला मंडी

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जालौन। मंडी शुल्क के विरोध में नवीन गल्ला मंडी के व्यापारी प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 21 सितंबर से मंडी बंद किए हैं। मंडी में खरीद फरोख्त न होने से करीब छह करोड़ रुपए का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। इसके अलावा किसान भी अपना माल बेचने को लेकर परेशान हैं।
केंद्र सरकार ने मंडी के बाहर अनाज की खरीद फरोख्त करने पर मंडी शुल्क माफ कर दिया है जबकि मंडी के अंदर खरीद फरोख्त करने को लेकर ढाई फीसदी मंडी शुल्क लिया जा रहा है। गल्ला मंडी के व्यापारियों का कहना है कि यदि शुल्क समाप्त करना ही है तो सभी का किया जाए अथवा सभी से मंडी शुल्क वसूला जाए। बाहर मंडी शुल्क न लगने से उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। इसी मांग को पूरा कराने के लिए मंडी के व्यापारी बीती 21 सितंबर से मंडी बंद किए हैं। हड़ताल के पांच दिन हो चुके हैं। मंडी में किसी भी प्रकार की खरीद फरोख्त नहीं की जा रही है। व्यापार न होने से मंडी परिसर में सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। गल्ला व्यापार कल्याण संघ के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल व धर्मेंद्र दीवौलिया ने बताया कि मंडी बंद रहने से करीब छह करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित हुआ है। इसके अलावा मंडी बंद होने से किसान व पल्लेदार भी परेशान हैं। पल्लेदारों को जहां मजदूरी नहीं मिल रही है जिससे उनके सामने परिवार के भरण पोषण की समस्या है। पल्लेदार काम के लिए भटकते नजर आ रहे हैं। उधर किसान भी अपनी आवश्यकताआें की पूर्ति के लिए व्यापारियों को अनाज नहीं बेच पा रहे हैं जिससे किसान भी परेशान हैं। अभी मंडी दो दिन और बंद रहेगी।
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