बलिया कांड को लेकर बुंदेलखंड के पाल समाज में नई लामबंदी शुरू

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उरई। बलिया में हुई हत्या की आंच बुंदेलखंड में पहुंच गई है। इसे लेकर जातीय गोलबंदी शुरू हो जाने से भाजपाई परेशान हैं। बलिया में गत दिनों एक गांव में कोटेदार के चयन के किए एसडीएम ओर सीओ की मौजूदगी में चल रही खुली बैठक में जयप्रकाश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
बुंदेलखंड और खास तौर से जालौन जिले में पाल बिरादरी अच्छी खासी संख्या में है। इस समाज के जिले में नेता श्रीराम पाल कई बार प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। गत विधानसभा और इसके बाद लोकसभा चुनाव में भी पाल बिरादरी ने अपना रुख बदलकर भाजपा के एक गुट का समर्थन किया था जिसका भगवा पार्टी की जीत में बड़ा योगदान था लेकिन अब बलिया का मुद्दा गर्माने से पालों में भाजपा का पांसा पलट रहा है। इस क्रम में शनिवार को राष्ट्रीय पाल, बघेल विकास महासभा के बैनर तले श्रीराम पाल के नेतृत्व में हंगामी प्रदर्शन किया गया जिससे भाजपा के रणनीतिकारों की नींद उड़ गई । इस दौरान जिलाधिका री कार्यलय के जरिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया जिसमें दिवंगत जयप्रकाश पाल के परिवार को पचास लाख रुपए की सहायता और सुरक्षा, परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी, अभियुक्त की तत्काल गिरफ्तारी कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाए जाने के साथ योगी सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई। प्रदर्शन में मुकेश पाल, जगत सिंह, रिंकू, मोहन लाल, राजवीर, आरडी पाल, राजकुमार, वीर सिंह बघेल आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।