कालपी के प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह की सूझबूझ से बैंको को करोडो रूपये का चूना लगाने वाले अन्तर्राज्यीय हैकर गिरोह का पर्दाफांश , आधा दर्जन को दबोचा चार फरार

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कालपी – उरई। प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह की सूझबूझ से बैंकों को चूना लगाने वाले बडे अन्तर्राज्यीय गैंग का पर्दाफांश हुआ है। गैंग के 6 सदस्य गिरफ्तार किये गये है जबकि इनके 4 साथी भाग निकले जिन्हें नामजद कर वांटेड कर दिया गया है। इस गैंग का कनेक्शन गुजरात से भी जुडा है। पूरे मामले की गहन छानबीन की जा रही है।
प्राप्त समाचार के अनुसार बुधवार की शाम जोल्हूपुर मोड पर छौंक निवासी जितेन्द्र अहिरवार का बैग किसी ने पार कर दिया जिसमें 40,000रूपये और एटीएम रखा था। थोडी देर पहले जितेन्द्र से देवकली गांव का सर्वेश कुमार निषाद बात कर रहा था। जितेन्द्र को उसी पर संदेह गया और जितेन्द्र ने सर्वेश व उसके अन्य साथियों के खिलाफ स्थानीय कोतवाली में नामजद तहरीर दे दी ।
जैसे ही प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह को इस एफआईआर की जानकारी हुयी उन्होने तत्परता पूर्वक कार्रवाई की और सुरागरशी करते हुये गुरूवार की शाम सर्वेश व उसके साथियों को टरननगंज स्थित बैंक आफ बडौदा की शाखा के पास घेर लिया । सूत्रों ने बताया कि इसके पहले गुजरात की पुलिस देवकली के दो युवकों की तलाश मे आयी थी जिन्होने वहां बैंको को डेढ करोड रूपये का चूना लगा दिया था। प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह इस पर नजर बनाये हुये थे इसलिये उन्होने सर्वेश व उसके साथियों से गहनता से पूंछतांछ की ।
उनकी तलाशी मे 49एटीएम कार्ड , 8 मोबाइल फोन व 45000रूपये नगद मिले । इनमें 40 हजार रूपये जितेन्द्र अहिरवार की चोरी के थे। एटीएम की थोक में बरामदगी से आरके सिंह ताड गये कि इनका सम्बन्ध गुजरात में बैकों में की गयी धोखाधडी से है। इसलिये उन्होने पकडे गये लोगो से उनकी कारस्तानी उगलवा ली। यह गैंग 5 हजार रूपये में जीरो बैलेन्स वाले खाते का एटीएम उसके होल्डर से मांग लेते थे और दूसरी जगह की सुदूर बैंको से जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं होते थे पैसे निकालने उक्त खाते में 10 हजार रूपये जमा कर पहुंच जाते थे । वे ऐसी ट्रिक में माहिर थे जिससे ऊपर और नीचे के दो नोट छोडकर बाकी रूपये झटक लिये जाते थे। बाद में 2 नोट मशीन में वापस चले जाते थे जिससे खाते में कटौती बच जाती थी । इस तरह कई बार नोट निकाल कर वे 10 हजार रूपये की जमा रकम की निकासी भी प्रार्थना पत्र देकर बैंक से निकाल लेते थे।
सर्वेश के अलावा देवकली के ही अवधबिहारी निषाद उर्फ अरविन्द मास्टर , गुडडू उर्फ कमलेश यादव , श्यामबाबू प्रनामी , अनिलकुमार निषाद और दीपेन्द्र निषाद को भी मौके से दबोचा गया जबकि इनके चार अन्य साथी भाग निकले । जिन्हें नामजद कर लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक देवकली गंाव के दर्जनों लोग इस साइबर हेरा फेरी में शामिल है। यह लोग देश भर में करोडो रूपये का चूना बैंको को लगा चुके है। इनकी पूरी गहराई तक छानबीन के लिये मामला आर्थिक अपराध अनुंसधान शाखा को संदर्भित होना चाहिये लेकिन इस बारे में जिले के पुलिस अधिकारियों का मत ज्ञात नहीं हो सका है। उक्त गैंग के खिलाफ हुयी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह के साथ उनकी टीम में उप निरीक्षक दिनेश कुमार कुरील और अशोक कुमार सिंह व आरक्षीगण विनय कुमार , अंकित पाण्डेय , आकाश जैन, रणविजय शामिल रहे।

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jalaun
jalaun
1 month ago

काम तो गैरकानूनी है पर दिमाग कितना शातिर है