ग्रामीणों ने चरही का फर्जी निर्माण दर्शाकर धनराशि का बंदरबांट करने का आरोप, मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की जांच कराए जाने की मांग

IMG-20200820-WA0008
IMG-20200831-WA0002
IMG-20200831-WA0003
IMG-20210112-WA0003
IMG-20210509-WA0000
>
जालौन। गांव में चरही का फर्जी निर्माण दर्शाकर शासन से आई धनराशि का बंदरबांट करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराकर आरोपियों से धनराशि की वसूली कराने की मांग की है।
ब्लाक क्षेत्र के ग्राम कुठौंदा बुजुर्ग में ग्रामीणों द्वारा चरही के निर्माण की मांग की जा रही थी। ग्रामीणों की मांग पर प्रधान व सचिव ने माता मंदिर के पास चरही का निर्माण दर्शा दिया। इतना ही नहीं चरही निर्माण की फर्जी फोटो भी भेज दी गई। गांव के समाजसेवी गजेंद्र सिंह सेंगर ने जब चरही निर्माण को लेकर शिकायत की तो उक्त शिकायत के निस्तारण में विभागीय अधिकारियों ने उक्त फर्जी फोटो को भेजकर शिकायत का निस्तारण कर दिया कि गांव में चरही का निर्माण करा दिया गया। जबकि हकीकत में गांव में चरही का निर्माण हुआ ही नहीं है। ग्रामीण गजेंद्र सिंह सेंगर, पंकज, राकेश, सुरेश आदि ने बताया कि गांव में चार स्थानों पर चरही निर्माण दर्शाया गया जिसमें तीन स्थानो पर तो चरही का निर्माण किया गया है लेकिन चौथे स्थान माता के मंदिर के पास आज तक चरही निर्माण नहीं हुआ है। जब इसकी शिकायत उच्चाधिकारियो से की गई तो उक्त शिकायत का फर्जी निस्तारण किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि चरही निर्माण के लिए आई धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर उक्त मामले की जांच कराने एवं आरोपियों से धनराशि की वसूली किए जाने की मांग की है।