एक्सप्रेसवे के मुआवजे ने बेटे को बनाया मां बाप का दुश्मन, 80 वर्षीय वृद्ध ने एसपी के सामने लगाई सुरक्षा की गुहार

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उरई। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का लाखों रूपये में मुआवजा मिलने से जहां अधिकांश ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली की चमक आ गई है वहीं कई लोग ऐसे हैं जिनके लिए यह मुआवजा घर परिवार में जान लेवा कलह का अभिशाप बन गया है।
शुक्रवार को ग्राम कैथेरी के बुजुर्ग श्याम बाबू पाठक एक्सप्रेसवे के मुआवजे की रकम के कारण अपने पुत्र के खिलाफ दरखास्त लेकर पुलिस अधीक्षक के पास आ पहुंचे। 80 वर्षीय श्याम बाबू पाठक ने बताया कि रामनगर में रह रहे उनके छोटे पुत्र सुरेन्द्र पाठक को एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की गई अपने हिस्से की जमीन का 50 लाख रूपये मुआवजा गत वर्ष ही मिल चुका है। इसके साथ-साथ साढ़े 16 लाख रूपये सुरेन्द्र पाठक ने उनसे उधार स्वरूप ले लिये थे फिर भी वह 26 लाख रूपये की डिमांड और कर रहा है। इसे लेकर उसने मेरे व अपने मां के साथ मारपीट की जिसका मुकदमा थाना कोतवाली में गत वर्ष 29 जुलाई को आईपीसी की धारा 323, 504 व 506 के तहत दर्ज हो चुका है।
फिर भी सुरेन्द्र के मंसूबों में कोई अंतर नहीं आया है। उनके मुताबिक 16 अगस्त को सुरेन्द्र की पत्नी आशा व पुत्र शिवेन्द्र कुमार उर्फ अनुज उनके पास आ धमके और 27 लाख रूपये की मांग करने लगे। उनके मना करने पर तीनों ने मुझे व मेरी पत्नी गिरजा देवी को मारने पीटने लगे और उनका गला जान से मारने की नीयत से दबा दिया। उनके चिल्लाने पर जब मोहल्ले के लोग आ गये तो उनके हस्तक्षेप से जान बच सकी। श्याम बाबू पाठक का कहना है कि वे इसकी शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसलिए गत 29 मार्च को सुरेन्द्र फिर अपने पुत्र शिवेन्द्र उर्फ अनुज के साथ कैथेरी में घर आ धमका और दरवाजा खुलवाकर गाली गलौज करते हुए धमकी दे गया कि अगर उन्होंने उसके विरूद्ध दर्ज मुकदमा वापस न कराया तो गंभीर परिणामों के लिए तैयार रहें। श्याम बाबू पाठक ने पुत्र की इस हरकत से अपने को बुरी तरह भयभीत बताते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की गुहार एसपी से लगाई। एसपी ने जांच के आदेश दे दिये हैं।

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