अखिलेश यादव के भाई का जिला पंचायत अध्यक्ष बनना तय, 24 में 20 सीट पर सपा आगे

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सपा के गढ़ कहे जाने वाले इटावा जिले में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में समाजवादी पार्टी का परचम लहराया। जिला पंचायत सदस्य की 24 में से 20 सीटों पर सपा व प्रसपा के संयुक्त प्रत्याशियों को जीत मिली है। 17 सीटें पार्टी को मिलने से पार्टी के संभावित अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अभिषेक यादव अंशुल का जिला पंचायत अध्यक्ष बनना लगभग तय हो गया है। इसके पहले भी वही अध्यक्ष थे। अभिषेक यादव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के चचेरे भाई हैं। भाजपा को जिले में भाजपा व बसपा एक एक सीट पर आगे चल रही है। जबकि दो निर्दलीय प्रत्याशी आगे हैं।

भले ही विधानसभा चुनाव में तीन में से दो सीटों पर भाजपा के विधायक बन गए हैं और लोकसभा सीट पर भी भाजपा ने जीत हासिल कर ली। लेकिन त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा को सफलता नहीं मिल सकी। यहां जिला पंचायत सदस्य के 24 पदों पर हुए चुनाव में एक तरह से भाजपा को करारी शिकस्त मिली है। 20 सपा प्रसपा प्रत्याशी जीत की ओर हैं। सपा प्रत्याशियों की जीत में प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का भी कम सहयोग नहीं रहा। 24 में 20 सदस्य सपा प्रसपा के आगे चलने से सपा का जिला पंचायत अध्यक्ष बनना तय हो गया है। बता दें कि इसके पहले भी सपा के ही जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव अंशुल थे। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश के चचेरे भाई अंशुल यादव को अध्यक्ष बनाने के लिए ही पंचायत चुनाव शुरू होने से पहले ही प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने घोषणा कर दी थी कि वह इस चुनाव में परिवार के साथ रहेंगे और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपने भतीजे अभिषेक को फिर से अध्यक्ष बनाएंगे। यही कारण रहा कि 23 सीटों में सपा व प्रसपा ने संयुक्त रूप से अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे और बड़ी सफलता हासिल की। खास बात ये रही कि यहां पर भाजपा केवल तीन सीट ही जीत सकी, जबकि बसपा को भी केवल तीन सीटें ही मिली हैं।

1989 से सपा का कब्जा
जिला पंचायत अध्यक्ष इटावा के पद पर 1989 से सपा का ही कब्जा है। 1989 में मुलायम सिंह यादव पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, उनके मुख्यमंत्रित्वकाल में हुए चुनाव में उनके भाई प्रो.रामगोपाल यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे। पहली बार सपा का अध्यक्ष बना तो फिर हर बार ही बनता रहा। प्रो.यादव के बाद सपा के ही राम सिंह शाक्य और उनके बाद महेंद्र सिंह राजपूत अध्यक्ष बने। महेंद्र सिंह के बाद प्रेमदास कठेरिया अध्यक्ष पद पर आसीन हुए। उनके हटने के बाद मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई राजपाल यादव की पत्नी प्रेमलता यादव अध्यक्ष बनीं। वह दो मर्तबा अध्यक्ष बनीं। प्रेमलता के बाद उनके बेटे अभिषेक यादव अंशुल इस सीट पर काबिज हुए। अब इस चुनाव में भी अभिषेक यादव को ही सपा का अध्यक्ष पद का संभावित प्रत्याशी माना जा रहा है।

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