सरे शहर दो युवकों का अपहरण कर मार डाला, शव मिलने के बाद पुलिस चेती तो मामले का हुआ खुलासा चार गिरफ्तार

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उरई। मामूली रंजिश को लेकर दो युवकों की कोतवाली क्षेत्र से अपहरण करके हत्या कर दी गई और बाद में उनके शव जलाकर फंूकने का प्रयास करते हुए सिरसाकलार क्षेत्र में फेक दिये गये। बीती देर रात जब सिरसाकलार पुलिस को जुगराजपुर और मऊकनार के बीच जंगल में अधजले शव पड़े होने की सूचना मिली तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। मृतक आपस में मामा भांजे थे। हत्या में पांच लोगों के नाम प्रकाश में आये हैं जिनमें चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसी बीच पुलिस अधीक्षक ने स्वीकार किया है कि कोतवाली पुलिस द्वारा शुरू में घटना को हल्के में लेने का आरोप उनके संज्ञान में आया है। यहां तक कि पड़ताल तो दूर कोतवाली पुलिस द्वारा मुकदमा तक दर्ज न करने की बात कही जा रही है हालांकि इसे लेकर सरसरी पूंछतांछ में फिलहाल उन्हें बताया गया है कि यह मुकदमा कोतवाली में उसी समय दर्ज कर लिया गया था जब मृतक की मां सूचना देने आई थी। लेकिन यह भी कहा है कि इन आरोपों को लेकर प्रारम्भिक जांच के आदेश कर दिये गये हैं। अगर पुलिस द्वारा लापरवाही के तथ्य प्रकाश में आते हैं तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
विवरण के अनुसार कांशीराम कालोनी निवासी भूरी पत्नी वसीर खां ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसके 24 वर्षीय पुत्र रशीद और 18 वर्षीय भाई नसीम पुत्र शेर खां निवासी कुईया रोड इंदिरानगर का अज्ञात लोग गत 29 अप्रैल की शाम बस स्टैंड के प्रतीक्षालय से अपहरण करके ले गये। आरोप यह है कि पुलिस ने इस गंभीर मामले को नजर अंदाज कर दिया यहां तक कि मुकदमा भी नहीं लिखा। उधर कल 04 मई को रात 12 बजे के बाद सिरसाकलार थाने में सूचना पहुंची कि जुगराजपुर और मऊ कनार के बीच दो अधजले शव पड़े हैं जिससे हड़कंप मच गया। सिरसा कलार पुलिस तत्काल एक्शन में आ गई और रात में ही मौके पर पहुंचकर शव उसने अपने कब्जे में ले लिये। इस तत्परता के कारण तत्काल ही पता चल गया कि दोनों शव उरई से अपहरित युवकों के हो सकते हैं। उनके परिजनों को बुलवा लिया गया तो आनन फानन इसकी पुष्टि भी हो गई।
अब कोतवाली पुलिस में दोनों युवकों के अपहरण का मुकदमा पहले से पंजीबद्ध होने की सफाई दी जा रही है जिस पर उंगलियां उठना लाजिमी है। आखिर मुकदमा लिख गया था तो इतने बड़े मामले को ठंडे बस्ते में क्यों पड़ा रहने दिया गया था। दूसरी ओर इस सनसनीखेज घटना से हतप्रभ पुलिस अधिकारियों ने शव मिलने के बाद तेजी की तो कुछ ही घंटों में पता चल गया कि नसीम का उसी के मोहल्ले के निवासी रफीक से कुछ दिनों पहले झगड़ा हुआ था। वजह यह थी कि नसीम रफीक के भाई को कारोबार कराने के लिए दिल्ली ले गया था जिससे नाराज होकर रफीक ने उस पर अपने भाई को बर्बाद करने का आरोप लगाया था। बात बढ़ने पर रफीक ने उसे ठिकाने लगाने की भी धमकी दी थी।
इस कांड में रफीक के अलावा तुफैलपुरवा के ही निवासी प्रमोद यादव, इंदिरानगर निवासी दीपक अहिरवार, चन्द्र नगर निवासी ओम प्रकाश उर्फ रिंकू यादव व उमा पीसीओ वाली राठ रोड से जुड़ी गली के निवासी विवेक दुबे उर्फ कमांडो के नाम प्रकाश में आये हैं। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक चार लोग गिरफ्तार कर लिये गये हैं जबकि फरार रह गये आरोपित की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

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