रंगकर्मियों को वर्चुअली अभिनय के गुर बताते अभिनेत्री सिमरन कौर व तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा

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एक्टिंग में वॉयस के साथ-साथ आंखों की भी महत्वपूर्ण भूमिका- सिमरन
* इप्टा की कार्यशाला में मिस बुंदेलखंड एवं अभिनेत्री सिमरन कौर से रंगकर्मियों ने पूछे जमकर सवाल
* बोले तहसीलदार, व्यक्ति को मानव बनाने में ललित कलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका
कोंच। भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा की दस दिवसीय निःशुल्क बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला में नौवें दिन मिस बुंदेलखंड व सीरियल मुस्कान, शक्ति क्राइम पेट्रोल इत्यादि में अभिनय करने बाली टीवी एवं फिल्म अभिनेत्री सिमरन कौर ने रंगकर्मियों से वर्चुअली संवाद स्थापित करते हुए कहा कि एक्टिंग न कोई सिखा सकता न कोई सीख सकता है, यह टेलेंट व्यक्ति के अंदर प्राकृतिक होता है। हां, टिप्स और तरीके उसे निखार सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभिनय के लिए सिर्फ वॉयस पर नहीं आंखों पर भी कंट्रोल होना चाहिए। आपको शीशे के सामने इसका अभ्यास करना चाहिए, कम से कम दो मिनिट आंखों में आंखे डाल कर देखना चाहिए।
तहसीलदार कोंच राजेश विश्वकर्मा ने भी रंगकर्मियों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को मानव बनाने की प्रक्रिया में ललित कलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यशालाएं व्यक्ति को निखारने का कार्य कर रहीं हैं, उन्हें खुशी है कि कोविड जैसे समय में भी इस क्षेत्र में वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन कर प्रतिभा निखारने और उन्हें मार्गदर्शित करने का कार्य किया जा रहा है।
इप्टा के प्रांतीय सचिव/इप्टा कोंच के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद नईम ने कहा कि इप्टा की कार्यशाला जीवन मूल्यों और संस्कारों की रंगशाला है, इप्टा रंगकर्मी हमेशा से सांस्कृतिक प्रदूषण एवं कुरीतियों की बखिया उधेड़ने का काम करते हैं। इप्टा कोंच के सरंक्षक अनिल कुमार वैद ने कहा, इप्टा कोंच का यह प्रयास रहता है कि सिनेमा और रंगमंच के विशेषज्ञों को रंगकर्मियों के बीच लाकर उनके अनुभवों से रू-ब-रू कराया जा सके ताकि कुछ अभिनव सीखा जा सके। संचालन पारसमणि अग्रवाल ने किया आभार सह सचिव ट्विंकल राठौर ने जताया।