गुरु पूर्णिमा पर श्रीश्री के अनुयायियों ने किए कई आयोजन,आनलाइन कार्यशाला में सुदर्शन क्रिया सिखाई गई

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*इम्यूनिटी बढ़ाने वाली टेबलेट ‘कबासुर’ का मुफ्त वितरण किया गया*
*1000 पौधरोपण का लक्ष्य लेकर पौधरोपण की शुरुआत*
*शाम को अन्धाश्रम में किया अन्नदान एवं सत्संग*
उरई। *योग, ध्यान और अध्यात्म  की अलख जगाने वाले आर्ट ऑफ लिविंग इण्टरनेशनल के शिक्षकों और वालेण्टियरों ने गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर जी की प्रेरणा से गुरुपूर्णिमा के अवसर पर चार दिवसीय ऑनलाइन ध्यान एवं श्वसन तकनीकी कार्यशाला सहित कई आयोजन किए।*
इस कार्यशाला में सिखाई गई सुदर्शन क्रिया अलौकिक अनुभूति प्रदान करने वाली, शरीर को स्वस्थ रखते हुए मन को शान्त करके जीवन में सुखद बदलाव लाने वाली ध्यान एवं श्वसन की तकनीक है।
श्वसन तकनीकी और ध्यान की ऑनलाइन कार्यशाला में आर्ट ऑफ लिविंग के अनुभवी शिक्षकों द्वारा कई शहरों व राज्यों के प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें आर्ट ऑफ लिविंग इण्टरनेशनल की वरिष्ठ पूर्णकालिक शिक्षिका श्रीमती कविता तिवारी, उरई से परिषदीय अध्यापक, वरिष्ठ योग शिक्षक तथा आर्ट आफ लिविंग के हैप्पीनेस फैकल्टी श्री राज कुमार शर्मा तथा श्रीमती सीमा श्रीवास्तव ने योग, ध्यान, सुदर्शन क्रिया तथा तन को स्वस्थ एवं मन को शांत रखने की तकनीकों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। कानपुर की शिक्षिका श्रीमती वल्सला द्वारा व्यायाम व आसनों का अभ्यास कराया गया।
श्रीमती कविता तिवारी ने बताया कि हमारे अस्तित्व के साथ स्तर हैं सुदर्शन क्रिया अस्तित्व के हर स्तर पर अपना प्रभाव छोड़ते हुए जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है। जिससे व्यक्तित्व निखरता है, जिससे दैनिक समस्याओं व उलझनों का सामना करना आसान हो जाता है। उन्होंने सांसों पर नियंत्रण करने के माध्यम से भावनाओं पर नियंत्रण करने की तकनीक सिखाई। भागदौड़ और तनाव भरी आज की जीवनशैली में सुदर्शन क्रिया चित्त को शांत करने और चैन की नींद दे सकने वाले अद्भुत क्रिया है।
परिषदीय शिक्षक तथा विगत 16 साल से लगातार समाज को योग सम्बन्धी सेवाएं दे रहे उरई निवासी वरिष्ठ योग शिक्षक तथा आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस फैकल्टी श्री राज कुमार शर्मा ने सुखी जीवन के लिए कारगर ज्ञान सूत्र समझाए। उन्होंने आगे बताया कि इन सूत्रों को जीवन में अपनाकर लाखों लोग भय, चिन्ता, अवसाद और तनाव से मुक्त हुए हैं।
शिक्षिका श्रीमती सीमा श्रीवास्तव ने प्रयोग द्वारा अनुभव कराया कि व्यक्ति आमतौर पर कोई भी कार्य पूरे मन से नहीं करता, यही इसकी असफलताओं का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति जीवन में जिन विरोधाभासी मूल्यों का सामना करता है वे वास्तव में एक दूसरे के पूरक होते हैं। इस बात को समझाकर जीवन को सुखमय बनाने के तरीके विस्तार से सिखाए।
*इम्यूनिटी बढ़ाने वाली टेबलेट ‘कबासुर’ का मुफ्त वितरण*
आर्ट ऑफ लिविंग के ही उपक्रम श्रीश्री तत्व द्वारा निर्मित और कई शोधों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में खरी उतर चुकी आयुर्वेदिक टेबलेट ‘कबासुर’ का जरूरतमंदों को मुफ्त वितरण किया गया।
*1000 पौधरोपण का लक्ष्य लेकर पौधरोपण की शुरुआत*
गुरु पूर्णिमा के आयोजन के सिलसिले में शहर के डिग्गी ताल क्षेत्र में निर्माणाधीन ‘मीना उपवन’ में 1000 पौधरोपण का लक्ष्य लेकर पौधरोपण की शुरुआत हुई। इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार तथा अलंकारिक पौधे लगाए जाने हैं।
*शाम को अन्धाश्रम में किया अन्नदान एवं सत्संग*
गुरु पूर्णिमा की शाम गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर के अनुयायियों ने अन्धाश्रम पहुंचकर वहां के संवासियों के साथ सत्संग का आयोजन किया तथा अन्नदान के साथ ही गुरु पूर्णिमा के विशेष आयोजन सम्पन्न हुए।
इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग परिवार के सदस्य विनय श्रीवास्तव (लम्बरदार) द्वारा व्यवस्था सम्बन्धी विशेष सहयोग रहा तथा समाजवादी पार्टी के प्रान्तीय सचिव प्रदीप दीक्षित, राकेश दीक्षित, नरेन्द्र प्रजापति, श्रीमती प्राची श्रीवास्तव, प्रिया अग्रवाल, श्रीमती प्रियंका शर्मा की विशेष उपस्थिति के साथ साथ तीनों शिक्षक श्रीमती सीमा श्रीवास्तव, राज कुमार शर्मा व अनिरुद्ध सिंह चौहान की सक्रियता उल्लेखनीय रही।
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