मतदान केन्द्रों और बूथों के नए निर्धारण के लिए वृहत बैठक का आयोजन

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उरई, (सू0वि0)। मतदेय स्थलों के विभाजन  के संबंध में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के समस्त मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के अध्यक्षों/मंत्रियों एवं सांसद , विधायकों  तथा समस्त उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों की  बैठक सम्पन्न हुई ।

बैठक में बताया गया कि ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के ऐसे मतदेय स्थलों जहां 1200 से अधिक मतदाता हैं  और काई आक्जिलरी नही बना है , उन्हें विभाजित कर एक नया पोलिंग स्टेशन बना दिया जाये। इस संबंध में यह भी परीक्षण भी करा लिया जाये कि निर्धारित सीमा से अधिक मतदाताओं वाले ऐसे मतदेय स्थल जहां उसी मतदान केन्द्र पर अन्य मतदेय स्थल भी है और उन मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है, तो इस सम्भावना और विकल्प पर भी विचार कर लिया जाये कि नये मतदेय स्थलों का सृजन किये बिना भौगोलिक रूप से क्षेत्र की सम्बद्धता बनाये रखते हुए विद्यमान बूथों पर ही मतदाताओं को पुनर्समायोजित कर दिया जाये और ऐसे प्रकरणों में अपरिहार्य परिस्थितियों में ही बूथों में वृद्धि की कार्यवाही की जाये।

ऐसे मतदान केन्द्र जहां पर 07 या उससे अधिक मतदेय स्थल स्थापित हैं  आयोग के निर्देशानुसार कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत सम्भावित भीड़ एवं सोशल डिस्टेंसिंग हेतु जगह की उपलब्धता जिससे प्रवेश और निकास द्वारा के स्थान पर अवरोध उत्पन्न नही हो,  का आंकलन करते हुये कुछ मतदेय स्थलों को अन्य भवनों/मतदान केन्द्रों पर स्थानान्तरित कर दिया जाये। विशेष परिस्थितियों में 300 से कम मतदाता वाले मतदेय स्थलों को रखा जाना अपरिहार्य हो तो प्रस्ताव में उस मतदेय स्थल को बनाये रखने जाने के संबंध में स्पष्ट कारण का उल्लेख कर दिया जाये। शहरी क्षेत्रों में जहां नयी आवासीय कालोनियां गत कुछ वर्षो में बनी है और उसमें नागरिक निवास करने लगे है तो वहां पर यथावश्यकता नया पोलिंग स्टेशन बनाया जाये। अत्यधिक पुराने और जर्जर भवन वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपलब्ध स्थायी भवन में स्थानान्तरित कर दिया जाये। ऐसे मतदेय स्थलों को चिन्हित किया जाये जो मुख्य गांव/बस्ती से पर्याप्त दूरी पर है उन मतदेय स्थलों को वहां से हटाकर मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत किसी सुविधाजनक भवन में स्थापित कर दिया जाये। पोलिंग स्टेशन की दूरी लगभग 02 किमी0 से अधिक न हो। सभी मतदेय स्थल भवनों के यथासम्भव भूतल पर होना सुनिश्चित किया जाये। दिव्यांगजनों और अशक्त मतदाताओं की सुविधा के लिये प्रत्येक मतदेय स्थल पर रैम्प की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। यह भी सुनिश्चित कर लिया जाये कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन के उपरान्त मतदेय स्थलों के स्थान में अंतिम क्षणों में परिवर्तन की आवश्यकता न पड़े। यदि कोई मतदेय स्थल निजी भवन में स्थापित है और वहां यदि शासकीय भवन उपलब्ध हो गये हैं  तो उक्त मतदेय स्थलों को शासकीय भवनों में स्थानान्तरित कर दिया जाये। यदि कोई मतदेय स्थल दुकान/व्यवसायिक प्रतिष्ठान/व्यक्तिगत सामुदायिक केन्द्र/विवाह घर अथवा ऐसे भवन, जिनका स्वामित्व किसी राजनैतिक व्यक्ति के पास है ऐसे मतदेय स्थलों हेतु विकल्प तलाश कर उनको स्थानान्तरित कर दिया जाये। इस मौके पर उपस्थित राजनैतिक दलों के अध्यक्षों एवं सदस्यों से इस संबंध में अपने सुझाव दिये गये जिस पर जिलाधिकारी ने  जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा |

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0)/उपजिला निर्वाचन अधिकारी पूनम निगम, प्रभारी सहायक निर्वाचन अधिकारी रामदत्त प्रजापति सहित समस्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।