भारत बंद को लेकर भाकियू ने मंडी गेट पर जड़ा ताला, जाम लगा सड़क पर

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* सरकार विरोधी नारेबाजी कर पीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
कोंच। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों को वापिस लेने व एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर बीते करीब ग्यारह माह से देश भर में आंदोलनरत किसानों द्वारा संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया गया जिसके परिप्रेक्ष्य में भारतीय किसान यूनियन की तहसील इकाई के कार्यकर्ताओं ने यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन के निर्देश पर गल्ला मंडी के मुख्य गेट में ताला जड़कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कानून वापिस लेने की मांग की। भाकियू के प्रदेशीय उपाध्यक्ष डॉ. केदारनाथ सिमिरिया व तहसील अध्यक्ष चतुर सिंह पटेल ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अन्नदाता किसानों के हित में उक्त कृषि कानून वापिस लेने ही होंगे तभी देश के अलग अलग बॉर्डरों पर डेरा डाले आंदोलनरत किसान अपने घरों को लौटेंगे। इसके बाद किसानों ने पीएम के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम अंकुर कौशिक को सौंपा जिसमें कृषि कानूनों की वापिसी व एमएसपी पर कानून बनाने की मांग सहित पेट्रो पदार्थों व रसोई गैस के बढ़े मूल्य वापिस लेने, बिजली दरें देश भर में समान किए जाने, किसानों को निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराए जाने, पीएम फसल बीमा योजना का लाभ किसानों की लागत के बजाए उत्पादन पर दिए जाने, देश भर में एक समान नीति बनाकर अन्ना जानवरों से फसलों को बचाने व आंदोलनरत किसानों पर दर्ज सभी तरह के मुकदमे वापिस लिए जाने की मांग की गयी। इस दौरान श्यामसुंदर,चंद्रपाल, यशवंत, रामसिंह, जगदीश प्रसाद, रामदास, भानुप्रताप, रामकिशोर, वीरेंद्र, सियाराम, कमलेश, अतर सिंह, राकेश पटेल, चित्तरसिंह, सुधीर, महेंद्र, कुंजबिहारी, रामप्रताप, रणजीत, वीरेंद्र, हरिनारायण, गयाप्रसाद, कौशल किशोर, गोविंदसिंह आदि किसान मौजूद रहे।