पुलिस के फंदे में सारी चौकड़ी भूल गया गृह राज्य मंत्री का बेटा , आखिर इतनी निष्पक्ष और बेमुरव्वत कई  हो गयी योगी की पुलिस

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नई दिल्‍ली. केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मोनू को अपने पिटा के रसूख के कारण उम्मीद नहीं रही होगी कि समन करने के वाबजूद पुलिस उनसे सचमुच का इंट्रोगेशन कर पाएगी | पुलिस ने उन्हें सी आर पी सी की धारा 160 में समन किया था जो गवाह को बुलाने के लिए जारी होता है जबकि मोनू अभियुक्त था | पहले दिन समन को वे इग्नोर कर गए थे तो पुलिस ने कडा रुख अपनाने की बजाय गृह मंत्री की कोठी पर अगली तारीख का नया समन चस्पा करा दिया था | लग रहा था जैसे पुलिस सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे का खेल खेल रही हो लेकिन उनसे जो पूंछताछ हुई तो एस आई टी के डी आई जी उपेन्द्र अग्रवाल के नेतृत्व वाली पूंछताछ टीम ने अप्रत्याशित पैनापन दिखा कर मोनू के होश गुम कर दिए | मोनू बहुत अकड में इंट्रोगेशन रूम में घुसा दिखा था लेकिन पूंछताछ जैसे जैसे आगे बढ़ती गयी वह बुरी तरह पसीना छोड़ने को मजबूर हो गया | पुलिस ने ऐसे ऐसे सवाल किये कि उसकी पेशबंदी की हवा निकल गयी | 12 घंटे लम्बी पूंछताछ के बाद उसे जब गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने ले चलने की बारी आई तो पुलिस वालों ने उसे आम मुलजिम की तरह धकेल कर गाडी में बैठाया | अब योगी की पुलिस यकायक निष्पक्ष कैसे हो गयी यह सवाल लोगों का कौतूहल बढ़ा रहा है |

 

सूत्रों के मुताबिक रविवार को आशीष मिश्रा ने कहा था कि वह घटनास्थल से करीब 4-5 किलोमीटर दूर कुश्ती प्रतियोगिता में उपस्थित थे, वहीं मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों के बयानों से पता चलता है कि मंत्री के बेटे वहां से दोपहर 2 बजे से लेकर 4 बजे के बीच गायब थे.

 

सूत्रों के मुताबिक आशीष मिश्रा के मोबाइल टावर की लोकेशन भी घटनास्थल और उसके आसपास दिखी है. हालांकि आशीष मिश्रा ने पुलिस को बताया है कि वह उस समय अपनी चावल मिल में थे, जो उसी मोबाइल टावर और घटनास्थल के पास है.

 

 

 

आशीष मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि किसानों के ऊपर चलाई गई महिंद्रा थार हरिओम चला रहा था. पुलिस द्वारा विश्लेषण किए गए वीडियो से पता चलता है कि सफेद शर्ट या कुर्ता पहने एक व्यक्ति थार चला रहा है. जब उसका शव अस्पताल लाया गया तो हरिओम पीले रंग का कुर्ता पहने पाया गया.

 

सूत्रों ने कहा कि विवाद के इन तीन बिंदुओं और आशीष मिश्रा के तथ्यों के साथ सामने नहीं आने के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने यह भी कहा कि वह सहयोग नहीं कर रहे थे.