एसिड के लिए धरपकड़, तीन को हिरासत में लेकर मुचलके पर छोड़ा

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* युवती पर हुए केमिकल अटैक के बाद चेते प्रशासन ने बाजार में चलाया छापामार अभियान
कोंच। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने कस्बे में एसिड को लेकर छापामार अभियान चलाया जिसमें तीन लोगों को एक एक बोतल एसिड के साथ हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोग आभूषण कारोबार से जुड़े होने के कारण सर्राफा व्यापारियों ने बाजार से तहसील तक जुलूस निकाला और हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की मांग की। हालांकि बाद में तीनों को मुचलकों पर इस हिदायत के साथ छोड़ दिया गया कि वे प्रशासन को बताएंगे कि एसिड कहां से उपलब्ध होता है क्योंकि बिना लाइसेंस के एसिड की बिक्री अबैध है। प्रशासन की यह सक्रियता पिछले दिनों युवती पर हुए घातक केमिकल अटैक के बाद देखने को मिली है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर सोमवार को एसडीएम अंकुर कौशिक, सीओ राहुल पांडे और कोतवाल बलिराज शाही ने पुलिस बल के साथ कस्बे के मारकंडेयश्वर से रेलवे क्रासिंग और जहां जहां भी ऑटो पार्ट्स या बैट्री की दुकानें हैं, इलाकों में एसिड को लेकर छापेमारी की। इसके बाद अधिकारियों की टीम ने मेन बाजार मानिक चौक, सर्राफा बाजार आदि में आभूषण निर्माताओं और किराना दुकानों पर खोजी अभियान चलाया। अधिकारियों ने एक एक बोतल एसिड के साथ तीन लोगों को हिरासत में लिया और कोतवाली ले गए। इस स्थिति को लेकर सर्राफा कारोबारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया और वे नारेबाजी करते जुलूस की शक्ल में तहसील पहुंचे। उनकी अगुवाई सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी धीरेंद्र यादव और सर्राफा कमेटी के महेंद्र सोनी आदि कर रहे थे। उनका तर्क था कि बिना एसिड के उनका काम नहीं हो सकता इसलिए थोड़ा थोड़ा एसिड उन्हें रखना पड़ता है। कोतवाल शाही भी उनके तर्क से सहमत थे लेकिन वे उनने जानना चाह रहे थे कि उन्हें वह.जगह बताओ जहां से एसिड उन्हें हासिल होता है क्योंकि बिना लाइसेंस इसे बेचा नहीं जा सकता है, फिर कहां से उन्हें उपलब्ध होता है। कुल मिला कर इस बात पर सहमति बनी कि प्रशासन को यह जानकारी दी जाएगी। इसके बाद हिरासत में लिए गए तीनों लोगों को मुचलकों पर छोड़ दिया गया।