पूर्व जिला जज अशोक कुमार सिंह ने जिले की न्यायिक व्यवस्था के रोचक संस्मरण सुना कर लोगों को गुदगुदाया

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उरई | न्याय केवल होना ही नहीं बल्कि उसे दिखना भी चाहिए |  यह विचार कुशीनगर के जिला जज न्यायमूर्ति अशोक कुमार सिंह ने व्यक्त किए। वह कल शाम झांसी रोड स्थित एस एस होटल के सभागार में युवा आदर्श समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित  बौद्धिक  संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रुप मे संबोधित कर रहे थे।

न्यायमूर्ति सिंह ने कहा कि जब वे जालौन जिले के जिला जज रहे तो उनकी कोशिश रही कि जो गरीब  या जिसे कानून की जानकारी नहीं है , उसे जानकारी निः शुल्क मिले | इसके लिए उन्होंनें व्यवस्था की  | एक बार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की जिला जजी कार्यालय मे भर्ती हो रही थी। यह बात फ़ैली कि पैसा लेकर नियुक्तियां हो रही है । इस पर उन्होंनें  कड़ाई से  एक्शन लिया जिससे ऐसा करने वालो की दूकानदारी बंद हो गई । सिंह ने कहा कि समाज के सभी लोग यदि अपनी अपनी भूमिका  जिम्मेदारी से निभाएं तो समाज की तमाम समस्याए स्वयं समाप्त हो जाएगी । उन्होने कहा कि किसी भी व्यक्ति को  यदि कानून की निःशुल्क जानकारी चाहिए  वह विधि प्राधिकरण के सचिव से ले सकते है ।

विशिष्ट अतिथि और झा़ंसी मंडल के अपर आयुक्त प्रमिल कुमार सिंह ने कहा कि सोच दो तरह की होती है । एक सकारात्मक  दूसरी नकारात्मक होती है । कहा कि यदि हम नकारात्मक सोच  रक्खेगें तो सब कुछ खराब दिखेगा । यदि सकारात्मक सोच रखते हैं तो समाज के सभी वर्ग के लोग अपना काम करेंगें  नतीजतन  समाज बेहतर हो जायेगा और नकारात्मक ही

सोचने वालों  की सोच में  भी सुधार होगा।

विधि महाविद्यालय के प्रबंधक शरद शर्मा ने कहा कि समाज के लोंगों  के जो कष्ट है। लोंगों  की जो जायज परेशानी हैं उन्हें  जिम्मेदार  जनप्रतिनिधियों ,अधिकारियों   को दूर करना चाहिए । पत्रकारों  पीड़ितों  की समस्याओं को अपने लेखन से राहत दिलाने का काम करना चाहिए ।वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा ने कहा कि समाज यह चाहता है सब कुछ अच्छा हो । लेकिन  ईमानदार पत्रकार,  साहित्यकार,  शिक्षक,  समाजसेवी , कलाकार के घर चूल्हा जल रहा है  या नहीं  ये देखने की जरूरत नहीं  समझता तो फिर अच्छा समाज कैसे बनेगा | हमें यह भी सोचना होगा कि जिला बार संघ के पूर्व जिला महामंत्री अरविंद गौतम चच्चू ने कहा कि न्याय कैसे सच्चा और समय पर सुलभ हो अधिकारी और पत्रकार तथा समाज के सभी वर्ग अपनी नैतिकता बिना गिराए काम करें  तो समाज का भला होगा। वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद डॉ राकेश द्विवेदी ने कहा कि पत्रकार की नजर सिर्फ खबर पर रहनी चाहिए क्योकिं  जब ऐसा नहीं होगा तो पत्रकारिता की गरिमा गिरेगी । जैसा कि आज दिखाई दे रहा है । उन्होंने कहा कि समाज के सभी अच्छे लोंगों  का बिना भेदभाव के सम्मान करना चाहिए । जैपुरिया पब्लिक स्कूल के एमडी वकार हैदर ने कहा कि उन्होने शिक्षा के क्षेत्र में जो भी प्रयास किए है  उसका मकसद है कि छात्र,  छात्राएं बेहतर नागरिक बने ।  देश और समाज के विकास मे महत्वपूर्ण योगदान दें । चित्रकार और समाजसेवी रोहित विनायक ने बताया कि वे गणेशजी के अब तक दस हजार से अधिक  चित्र बना चुके हैं ।  अपनी टीम के साथ सिर्फ 5 रुपये भोजन की थाली प्रभुजी आइए संस्था के माध्यम से तो देते ही है। इसके अलावा अब जिला महिला अस्पताल में  नवजात बेटी और उसकी मां को प्रमाण पत्र और गि्फ्ट देकर सम्मानित करते है । पत्रकार मनोज शर्मा ने पत्रकारों में  इगो न रखने की बात कही ।

इस अवसर पर डॉ सन्तोष अग्रवाल, पूर्वप्रधान कृष्णपाल सिंह सुन्नू, नीरज पाठक   प्रभाकर सिंह, अश्वनी पुरवार, शैलेन्द्र पोरवाल ,राजीव शुक्ला इं के के शर्मा , एड•सुरेन्द्र शर्मा, सौरभ द्विवेदी,एड•अनिल शर्मा, सत्यम पाण्डेय पत्रकार दाऊ विकास गुप्ता,प्रो• महेन्द्र राजपूत रोहित राणा ने भी विचार व्यक्त किए। लेकिन जब दिव्यांग समाजसेवी कुलदीप चतुर्वेदी ने जोशीले अंदाज मे समाज की हकीकत बयान की सभागार तालियां गूंज उठी। बौद्धिक संगोष्ठी की अध्यक्षता शरद शर्मा ने संचालन वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा ने किया । कार्यक्रम संयोजक पत्रकार श्रीकांत शर्मा और सत्यम पाण्डेय ने अतिथियों  को स्मृति  चिन्ह देकर सम्मानित किया । इस अवसर श्रीकांत शर्मा ने कहा  कि पत्रकार समाज  का आईना की तरह है |   सकारात्मक सोच हर और रचनात्मक कार्यक्रम होते रहनें चाहिए एवं होते रहेंगे ।