दशहरा भाषण में जनसंख्या असंतुलन को दूर करने के लिए 50 वर्षों की नयी नीति बनाने का संघ प्रमुख मोहन भागवत का आव्हान , जम्मू कश्मीर में लक्ष्यित हत्यायों पर जताई चिंता

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नागपुर : राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को महाराष्‍ट्र के नागपुर में विजयदशमी पर्व के अवसर पर समारोह को संबांधित करते हुए जनसंख्‍या नीति पर पुनर्विचार की जरूरत बताई. उन्‍होंने कहा कि अगले 50 वर्षों के लिए नीति बनाई जानी चाहिए और इसे समान रूप से लागू किया जाना चाहिए क्‍योंकि जनसंख्‍या असंतुलन समस्‍या बनना जा रहा है. भागवत ने  कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी डर का माहौल बनाने के लिए लोगों को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं. साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीमाओं पर सेना की तैयारी हर तरह से और हर वक्त मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता है. भागवत ने कहा, “अनुच्छेद 370 के तहत विशेष प्रावधानों के निरस्तीकरण के बाद, आतंकियों का  डर लोगों में  खत्म हो गया है लेकिन चूंकि वे अपने मकसदों को पूरा करने के लिए भय का इस्तेमाल करते हैं, (उन्हें लगता है) उनके लिए उस भय (लोगों के मन में) को वापस लाना महत्वपूर्ण है.घाटी में सिखों और हिंदुओं की हाल में हुई हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा, “आतंकी मनोबल गिराने के लिए लक्ष्य बनाकर की जा रही हत्याओं का सहारा ले रहे हैं, जैसा वे पहले करते थे.” साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को उनसे प्रभावी तरीके से निपटना होगा ताकि जंग जीती जा सके

संघ प्रमुख ने  ओ टी टी प्‍लेटफॉर्म्‍स, नशीले पदार्थां के व्‍यापार और बिटकोइन को लेकर निशाना साधा और इन्‍हें राष्‍ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए फंडिंग का दोषी माना. संघ प्रमुख ने इन गतिविधियों पर नियंत्रण की मांग दोहराई. संघ प्रमुख ने कहा कि क्रिप्‍टोकरंसी बिटकॉइन जैसी गुप्‍त मुद्रा अर्थव्‍यथा को अस्थिर कर सकती है. उन्‍होंने दावा किया कि निहित वैश्विक हित, देश की प्रगति की रोकने की कोशिश में हैं. उन्‍होंने कहा, ‘ओ टी टी प्‍लेटफॉर्म्‍स पर क्‍या दिखाया जा रहा है इस पर कोई नियंत्रण नहीं है…हर तरह की तस्‍वीरें दिखाई जा रही हैं लेकिन इसे नियंत्रित कैसे किया जाए? कोरोना वायरस के बाद अब बच्‍चों के पास भी मोबाइल फोन है (लॉकडाउन के दौरान जब स्‍कूल बंद थे तब इसकी जरूरत थी )’ …अब उन्‍हें इसकी लत लग गई है. कौन जानता है कि वे इस पर क्‍या देख रहे हैं