दलित प्रधानमंत्री की उम्मीद का दिया बुझा

रामविलास पासवान के निधन से एक संभावनाशील राजनीतिज्ञ का अवसान हो गया है। उनकी राजनीति की शुरूआत जिस धमाकेदार ढंग से हुई उससे उनके बहुत दूर तक पहुंचने की उम्मीदें जताई जाती थी। हालांकि सफल […]

घाटी के नेताओं की चुनौती पर क्यों उदासीन है केंद्र

कश्मीर घाटी में प्रमुख नेताओं को रिहा किये जाने से उथल-पुथल शुरू हो गई है। ये नेता दिग्भ्रिमित हैं और अपने राजनैतिक पुनर्जीवन की बाट जोह रहे हैं। अंधेरी सुरंग में फस जाने के एहसास […]

.रेप के बढ़ते मामलों में से शर्मसार होता देश

रेप के बढ़ते मामलों ने भारत की स्थिति को शर्मसार बना दिया है। वैश्विक एजेंसियां महिलाओं के लिए भारत को सबसे खतरनाक देश बताने लगी हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अधिकारी ने उत्तर प्रदेश […]

सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद भी पुनर्वास न होना सरकारों की विफलता – राजेंद्र जोशी स्वतन्त्र पत्रकार

21 वी शताब्दी में वर्षो से लम्बित-विवादित समस्याओ को हल करके सरकार ने यह बताया कि समस्याओ को सुलझाया जा सकता है। लेकिन महज 4 दशक पुरानी नर्मदा घाटी के डूब प्रभावित गाँवों की समस्याएं, […]

रंगदारी वसूल करने वाले गली के गुण्डों को भी पीछे छोड़ गये आईपीएस पाटीदार

उत्तर प्रदेश में पुलिस का ढांचा किस कदर सड़गल चुका है इसकी मिसाल है महोबा के निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार के सामने आ रहे कारनामे। उन्होंने अपनी जुर्रत में रंगदारी वसूल करने वाले गली के […]

तात्विक सुधार से परे है नई शिक्षा नीति का खाका

नई शिक्षा नीति में शिक्षा के निजीकरण के पहलू की कोई चर्चा नहीं की गई है जबकि यह बहुत आवश्यक था। शिक्षा, चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में मुनाफाखोरी के बोलबाले के चलते लोगों की मौलिक जरूरतों […]

क्या सचमुच नहीं बची है नेताओं के लिए ईमानदारी की गुंजाइश

बांदा के धुरंधर समाजवादी नेता जमुना प्रसाद बोस का 95 वर्ष की आयु में कोरोना संक्रमित होने के बाद गत दिनों निधन हो गया। उन्होंने लम्बा जीवन इस ढं़ग से जिया कि उनकी करनी और […]

हिन्दी के दाँत,खाने के कुछ दिखाने के कुछ

      विशेष/जयराम शुक्ल  दिलचस्प संयोग है कि हिन्दी दिवस हर साल पितरपक्ष में आता है। हम लगे हाथ हिन्दी के पुरखों को याद करके उनकी भी श्राद्ध और तर्पण कर लेते हैं। कुछ […]

चीन और भारत की महाशक्ति बनने की रणनीतियों के प्रति एक दृष्टि

—सत्यम मैत्रेय जान मीर सीमार का मानना है कि, महाशक्तियां दूसरे राज्य की कीमत पर वैश्विक महाशक्ति के लिये होड़ करती है। परन्तु यह दो कारणों से असम्भव होता है – पहला, ये शक्ति हमेशा […]

अंधेरी सुरंग में कांग्रेस

देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस अंधेरी सुरंग में फंस गई है। पार्टी में सबसे ज्यादा असमंजस राहुल गांधी के रवैये की वजह से है। यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि वे एक […]