कोंच-उरई। श्री नवलकिशोर रामलीला समिति द्वारा संचालित बजरिया की रामलीला का बीती रात पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया ने फीता काट कर उद्घाटन किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में भगवान राम को मनुष्य जाति का आदर्श बताते हुये कहा कि राम किसी व्यक्ति का नाम नहीं है बल्कि यह भारत की गौरवशाली संस्कृति का नाम है। परमपिता परमात्मा ने त्रेता में राम के रूप में अवतार धारण करके मानव को आदर्श जीवन जीने की कला सिखाई और सत्य का मार्ग दिखाया।
बीती रात बजरिया स्थित रामलीला रंगमंच पर सबसे पहले पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया ने भगवान गजानन की प्रतिमा का पूजन अर्चन किया, वैदिक मंत्रोच्चार पं. लल्लूराम मिश्रा, संजय रावत व मुकेश तिवारी ने किये तत्पश्चात् फीता काट कर रामलीला का उद्घाटन किया। इस मौके पर पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि सीरौठिया ने कहा कि वस्तुतः रामलीला के मंचन के पीछे बड़ा उद्देश्य यही छिपा है कि हम भगवान राम की लीलाओं के माध्यम से उनके बारे में जानने का प्रयास करें और उन्हीं के जैसे सद्आचरण करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि भगवान राम एक सामान्य मानव के रूप में अवतीर्ण हुये और हमें यह बताने का प्रयास किया कि अनाचार और अत्याचार का डट कर सामना करें, उनका व्यक्तित्व और कृतित्व हमारे लिये हमेशा प्रेरणास्पद बना रहेगा। रामलीला मंचन के पीछे भी मंतव्य यही है कि हम राम के आदर्शों में यदि एक का भी अनुसरण कर सके तो रामलीला का अर्थ सार्थक हो जायेगा। संचालन आचार्य राजेन्द्र दुवे ने किया। इसके बाद नारद मोह लीला का मंचन किया गया। इस दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, मंत्री रामशंकर राजपूत एडवोकेट, सोहन वाजपेयी, नरोत्तम स्वर्णकार, ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष देवीदयाल रावत, प्रमोद नगरिया, साकेत मिश्रा, सीताराम नगरिया, विनोद राही, श्यामदास याज्ञिक, आशू पाटकार, विनय वाजपेयी, नीरज वाजपेयी, बॉबी वाजपेयी, जीतू सोनी, नरेश वर्मा, गुड्डू ठाकुर, नरेन्द्र परिहार, सूरज शर्मा, शिवांग दुवे, मदन तिवारी, चंदन यादव, हरिमोहन तिवारी, संजीव पाटकार, अशोक नगरिया, मनीष नगरिया, प्रमोद सेठ, महावीरशरण आचार्य सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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