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गुस्साये लोगों ने लगाया जाम
तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस उठा सकी शव
रामपुरा-उरई। गुरुवार की सुबह इलाहाबाद बैंक के सामने बालू भरकर जा रहे बेकाबू ओवरलोड ट्रक ने दो मासूमों को कुचल दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गयी। बाद में उनके परिजनों और कस्बे के लोगों ने शव थाने के सामने सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। भीड़ के उग्र तेवर देखकर पुलिस के हाथ पांव फूल गये। इस कारण किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिये रामपुरा, कुठौंद, गोहन व माधौगढ़ सहित लगभग आधा दर्जन थानों का फोर्स मौके पर बुला लिया गया। इस बीच एसडीएम जालौन ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। उनकी और पुलिस अधिकारियों की तीन घंटे की मशक्कत के बाद परिजन शवों को पोस्टमार्टम के लिये ले जाने देने को रजामंद हुए।
कस्बे में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इस कारण दोनों किनारे पर खुदाई करके मिट्टी भरी जा रही है। सुबह 9 बजे सूरजपाल स्कूल की प्राइमरी कक्षा की छात्रायें शिल्पी (8 वर्ष) पुत्री छोटू पाल और करिश्मा (10 वर्ष) पुत्री दौलतराम एक लड़के के साइकिल पर पीछे बैठकर स्कूल जा रही थी। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक यूपी 93 एटी 7834 को देखकर लड़का हड़बड़ा गया और उसने बचाव के लिये साइकिल सड़क के नीचे गड्ढे में उतार दी। इस आपाधापी में दोनों लड़कियां साइकिल से छिटककर गिर पड़ीं और ट्रक के पिछले पहिये उनको रौंदते हुए निकल गये। घटना के बाद ड्राइवर ट्रक से नीचे उतरकर भाग निकला। जैसे ही इसकी खबर फैली। रोते चीखते मासूमों के परिजन मौके पर आ गये। अन्य लोगों की भी भारी भीड़ इकट्ठी हो गयी। लोग बेहद गुस्से में थे। परिजन और भीड़ ने मासूमों के शव सड़क पर रखकर पुलिस के विरोध में नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। पहले थानाध्यक्ष राजा भइया ने स्वयं जाम खुलवाने की पहल करनी चाही लेकिन जब तनाव बढऩे लगा तो उन्होंने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। जिसके बाद कई थानों का फोर्स आ गया। साथ ही उपजिलाधिकारी माधौगढ़ एसपी अग्रवाल, उपाधीक्षक पुलिस माधौगढ़ महेन्द्र सिंह, उपाधीक्षक पुलिस जालौन कुलदीप सिंह भी कुछ देर बाद मौके पर पहुंच गये।
एसडीएम और दोनों क्षेत्राधिकारियों ने भीड़ से वार्ता कर लोगों को समझाने की शुरूआत की। पहले तो लोग उनसे बुरी तरह बिगड़े लेकिन अधिकारियों ने धैर्य से काम लिया। एसडीएम ने ट्रक सीज करने, उसका रजिस्ट्रेशन रद कराने, ड्राइवर को जेल भिजवाने और मुख्यमंत्री राहत कोष से बालिकाओं के परिजनों को अधिकतम सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ऊमरी नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष बब्बू भदौरिया की मध्यस्थता से लोग पसीजे और जाम खत्म करने को तैयार हो गये। बाद में पुलिस ने दोनों शव अपने कब्जे में ले लिये और पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम के लिये भिजवा दिये।
मजदूरी करते हैं मां बाप
हादसे में मृत बालिकाओं के परिजनों की स्थिति दयनीय है। दोनों के पिता भूमिहीन हैं और मां बाप मजदूरी करके घर का खर्चा चलाते हैं।

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