मेटों और बेलदारों से घर-दफ्तर में सेवा ले रहे एक्सियन

उरई। अधिशाषी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग खण्ड एक इं.बनवारीलाल जो अपनी अन्यत्र तैनाती के समय कथित रूप से या तो निलम्बित रहे या फिर उन्हें किसी शाखा का प्रभार न दिये जाकर आफिस अटैच रखा गया। इन तमाम कर्मचारियों जिन्हें सड़कों के रखरखाव के काम पर या नदी घाटों पर होना चाहिये से वर्तमान में अपने घर पर तथा दफ्तर में बैठाये रखकर सेवायें ले रहे हैं। ऐसा वह क्यों कर रहे हैं। इसका जवाब वह फोन पर हुई वार्ता में नहीं दे सके और घर या दफ्तर में मिलने के लिये समय दे डाला।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक लोनिवि निर्माण खण्ड 01 के कार्यालय में पर्याप्त दो चपरासी हैं किन्तु इसके बावजूद अधिशाषी अभियन्ता बनवारीलाल पांच मेट तथा दो बेलदार एक कारपेन्टर, एक मल्लाह और एक घाट दरोगा को कार्यालय में बैठाये रखकर सरकारी वेतन आहरित करा रहे हैं। इसके अलावा एक बेलदार और दो मेटों की ड्यूटी उन्होंने अपने सरकारी बंगले पर शिफ्टों में लगा रखी है। इन समस्त कर्मचारियों में से किसी का भी वेतन 25 हजार रुपये से कम नहीं है। यदि 25 हजार रुपये प्रतिमाह से वेतन जोड़ा जाये तो यह करीब 2 लाख 15 हजार रुपये प्रतिमाह होता है। जिसकी खुलेआम बर्बादी की जा रही है। यदि यह मेट तथा बेलदार जिनकी की वास्तव में तैनाती क्षेत्र में दिखाई जा रही है अपने क्षेत्र में काम करें तो सड़कों को खराब हालत से निजात मिल सकती है। मालूम हुआ है कि इं.बनवारी लाल घर और दफ्तर में बड़ी संख्या में मेटों व बेलदारों को अपनी सुरक्षा के लिये बनाये हुए हैं। वह पदस्त चपरासियों से चपरासी का काम नहीं ले रहे हैं। उनके स्थान पर मेटों व बेलदारों को इस सख्त निर्देश के साथ बैठाये हैं कि कोई भी सीधा उन तक न पहुंच सके। मैं जिसको अन्दर आने की स्वीकृति दूं सिर्फ वह ही भीतर आये। यदि कोई जिद करता है तो उसे उठाकर फेेंक दिया जाये।

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