अकाल की आहट का सर्वे स्वराज अभियान का है, परमार्थ का नहीं

उरई। परमार्थ के सचिव संजय सिंह ने कहा है कि बुन्देलखण्ड में अकाल की आहट का निष्कर्ष स्वराज अभियान द्वारा कराये गये सर्वे का है न कि उनका। उन्होंने कहा कि देश के जाने माने विश्लेषक योगेन्द्र यादव ने देश भर में किसान की हालत को लेकर जानकारियां इकट्ठा की हैं। इसके बाद उन्होंने न केवल उत्तरप्रदेश के बल्कि मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड के किसानों की स्थिति को सबसे ज्यादा दयनीय पाया है। उन्होंने कहा कि योगेन्द्र यादव के निष्कर्ष को पूरे सन्दर्भ में देखा जाना चाहिये।
उन्होंने कहा कि उनके अनुरोध पर परमार्थ ने उन्हें सर्वे के जरिये इनपुट उपलब्ध कराये थे लेकिन निष्कर्ष स्वयं उनके हैं। इसलिये जिसको भी आपत्ति हो वह योगेन्द्र यादव से सम्पर्क कर सकता है। परमार्थ का प्रत्यक्ष तौर पर इससे कोई सम्बन्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि वे योगेन्द्र यादव के साथ बुन्देलखण्ड की स्थिति पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले थे। जिसमें मुख्यमंत्री ने पूरी संजीदगी दिखाते हुए राहत के फौरी कदम उठाने का आश्वासन दिया था। बाद में इस पर अमल करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जिलों समेत पूरे बुन्देलखण्ड को सूखा प्रभावित घोषित किया और अपनी ओर से आपातकालीन कदम उठाने के निर्देश प्रशासन को देने के साथ-साथ केन्द्र को भी वाजिब सहायता देने के लिये पत्र भेजा।

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