सीएमओ कार्यालय के 40 लाख के टेंडर में हेराफेरी

0 मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की चर्चा से सीएमओ परेशान
उरई। स्वास्थ्य विभाग में गत् दिनों 40 लाख रुपये के प्रचार-प्रसार के कार्य के लिए सार्वजनिक निविदाएं आमत्रित करने में कागजी औपचारिकता पूरी कर मनमानी की गई और चहेते ठेकेदारों को मनचाहे रेट पर कार्य दे दिया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की ओर से सरकार के निर्देश पर गत् दिनों होर्डिंग लगाने और छपाई कार्य के लिए तीन निविदाएं आमत्रित की गई थी। जब ठेकेदार निविदाएं खरीदने गये तो जानबूझकर उन्हें बहला दिया गया। आखिरी दिन इस बात पर एक ठेकेदार सीएमओ डाॅ. आशाराम से उलझ गया। इसलिए उन्होंने निविदा तो दिला दी लेकिन उसे भरकर ठेकेदार मोहरबंद लिफाफा डिब्बे में डालने लगा तो सीएमओ ने कह दिया कि डिब्बा बंद किया जा चुका है क्योंकि समय समाप्त हो चुका है। जबकि उस दौरान निर्धारित समय शेष था। ठेकेदार ने प्रतिवाद किया लेकिन सीएमओ ने एक न सुनी।
बताया यह जाता है कि सबसे ज्यादा कमीशन देने वाले ठेकेदार नरेश से ही अलग-अलग नामों से टेंडर भरवाने की औपचारिकता पूरी कर ली और इसके बाद इस्टीमेट में दर्शाए गये रेट पर ही उनके टेंडर मंजूर कर दिये गये। लेकिन उस समय सीएमओ की सांस गले में अटक गई जब उन्हें पता चला कि इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय को सीधी भेजी जा चुकी है। जहां से सीधी उनके अधीनस्थ सभी विभागों की माॅनीटरिंग होती है। इसे देखते हुए सीएमओ पर गाज गिरने की आशंकाएं जताई जाने लगी हैं।

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