उरई। सूखे से जूझ रहे जनपद के किसानों की समस्याओं व उनकी वास्तविक स्थिति को परखने के लिए केंद्रीय सरकार के अपर सचिव ने दो गांवों में जिलाधिकारी के साथ बैठक की। जिसमें किसानों की समस्याओं को सुना गया और उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जायेगा। इस दौरान किसानों ने सिचाई के संसाधनों की कमी को प्रमुखता से रखा।आज भारत सरकार के अपर सचिव कृषि राघवेंद्र सिंह एवं वीके सिंह, जिलाधिकारी रामगणेश के साथ कदौरा ब्लाक के जयरामपुर व छौंक गांव पहुंचे। बहुद्देश्यीय कक्ष में सचिव श्री सिंह ने किसानों से सिचाई के विषय में पूछा तो वहां मौजूद किसानों ने उन्हें बताया कि हमारा क्षेत्र नहरों के टेल पर पड़ता है जिसके चलते हम लोगों को समय से पानी नहीं मिल पाता। वाटर लेबल के विषय में लोगों ने बताया कि जलस्तर दिन पर दिन नीचे गिर रहा है। छौंक के किसानों ने कहा कि नलकूप संख्या 153 का जलस्तर नीचे चल जाने से सिचाई न हो पाने की बात कही। जिस पर डीएम रामगणेश ने सिचाई विभाग के अधिकारियों को जल्द समस्या का निस्तारण करने का आदेश दिया। मौजा में दूसरा नलकूप लगवाने के लिए चयन के भी निर्देश दिये। इस दौरान किसानों ने ज्वार की सूखी फसलें केंद्र सरकार के अधिकारियों को दिखाईं। किसानों ने बताया कि पिछली रबी की फसल अतिवृष्टि की भेंट चढ़ गयी थी जबकि खरीफ की फसल बारिश न होने के कारण चैपट हो गयी, जिससे जिले के किसानों की हालत खराब है। वर्तमान में जनपद में सूखे के हालात हैं। बहुत से किसान अभी तक पलेवा भी नहीं कर पाये हैं। सिचाई के लिए पानी का घोर संकट मंडरा रहा है। टीम में शामिल अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि वह अपनी रिपोर्ट तैयार कर केंद्र को सौंपेंगे। जितनी भी मदद संभव हो सकेगी दिलाने का प्रयास किया जायेगा। टीम ने माना कि वास्तव में यहां पर किसानों के सामने परेशानी है। किसानों की समस्याएं सुनने के बाद अपर सचिव ने किसानों की समस्याओं को केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया। इस मौके पर कृषि निदेशक बीके सिंह, एडीएम आनंद कुमार, एसडीएम गोरेलाल शुक्ला, नायब तहसीलदार रमाशंकर, राजस्व निरीक्षक हरेंद्र सिंह मौजूद रहे।







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