कैदी की मौत के मामले मे जांच करेगें सीजेएम

उरई। विगत दिनों जिला कारागार में कैदी की मौत के बाद परिजनों द्वारा लगाये गये आरोपों पर जिला जज ने मामले की जांच को मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट को सौंप दिया है।
गौरतलब है कि जिला टीकमगढ़ के कुंडार निवासी सत्यव्रत अरजारिया पुत्र ओम प्रकाश की जिला कारागार में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। जेल प्रशासन द्वारा उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। बताया जाता है कि मृतक के ऊपर हत्या और रासुका समेत करीब आधा दर्जन मुकदमें दर्ज थे और उसे बीती 16 मई को ही झांसी कारागार से प्रशासनिक तौर पर जिला कारागार में लाया गया था। मृतक के ऊपर एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या करने का आरोप भी था। झांसी कारागार में खुद को असहज महसूस करने पर कोर्ट में दी गई अर्जी पर ही उसे स्थानीय कारागार में शिफ्ट किया गया था। सत्यव्रत की मौत के बाद जेल प्रशासन का कहना था कि कैदी की मौत की वजह बीमारी थी। लेकिन जब मृतक के परिजनों को जानकारी हुई तो उन्होंने आकर जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि अभी हाल ही मे वह सत्यव्रत से मिलकर गये थे और उसे ऐसी कोई गंभीर बीमारी नही थी। जिससे उसकी मौत हो जाती। बंदी की मौत की खबर सुनते ही जिला प्रशासन के तो होश उड़ गये थे। बाद में तीन सदस्यीय टीम गठित करके मृतक के शव का कैमरे की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया था। मृतक के भाई देवव्रत ने जेल प्रशासन पर अपने भाई की हत्या का आरोप लगाकर जिला जज को तहरीर सौंपी थी। जिस पर जिला जज ने प्रभारी मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट पीयूष वर्मा को उक्त प्रकरण की जांच सौंप दी है।

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