उरई। चहेते ठेकेदारों को मुंह मांगी दर पर निविदाएं मंजूर करने के सरकारी विभागों में जोरों पर चल रहे खेल की वजह से शासन को प्रदेश भर में अरबों, करोड़ों रुपये का चूना लग रहा है। इसके लिए औपचारिकता पूरी करने में जो बाजीगरी की जाती है उससे सूचना निदेशालय भी परेशान हो गया है। राज्य के सूचना निदेशक ने सभी जिलों में विभागाध्यक्षों को आगाह किया है कि वे समय से निविदा सूचना उपलब्ध करायें ताकि उनका प्रकाशन कराने में विलंब न हो सके।
विभिन्न विभागों में निर्माण व आपूर्ति के बड़े कार्यों के लिए सार्वजनिक निविदाएं प्रकाशित कराने की जो सूचनाएं भेजी जाती हैं उनमें यह ध्यान नही रखा जाता कि सूचना निदेशालय को निविदा बिक्री शुरू होने के पहले सूचना हासिल हो जाये। इसके कारण सूचना निदेशालय निविदा समाचार पत्रों में प्रकाशित नही करा पाता और इसका फायदा उठाकर विभागाध्यक्ष मनमाने ढंग से निविदाएं मंजूर कर देते हैं।
सूचना निदेशालय ने अब इस करतूत को बेहद गंभीरता से लिया है। इसके तहत प्रदेश के सूचना निदेशक आशुतोष निरंजन ने सभी जिलों में विभागाध्यक्ष को एक परिपत्र भेजा है। जिसमें कहा गया है कि निविदा बिक्री शुरू होने के पांच दिन पहले निदेशालय को उसकी सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित की जाये ताकि समय रहते निविदा प्रकाशन हो सके। इसमें कोताही बरतने वाले विभागाध्यक्ष दंडित किये जा सकते हैं।







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