0 प्रधानमंत्री को संबोधित पंद्रह सूत्रीय ज्ञापन दिया एसडीएम को
कोंच-उरई। विश्व विकलांग दिवस पर गुरूवार को बुंदेलखंड विकलांग कल्याण मानव सेवा संस्थान के बैनर तले सैकड़ों निरूशक्तजनों ने यहां जिला परिषद् स्कूल प्रांगण में जुट कर सरकारों को विकलांगजनों की सुधि नहीं लेने के लिये जमकर कोसा। बाद में जुलूस की शक्ल में सड़कों पर नारेबाजी करते तहसील पहुंचे जहां अपनी मांगों को लेकर भारत के प्रधानमंत्री को संबोधित पंद्रह सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम संजयकुमार सिंह को सौंपा।
बुंदेलखंड विकलांग कल्याण मानव सेवा संस्थान के संस्थापक नरेन्द्र अग्रवाल गुल्लू की अगुवाई में जिला परिषद् स्कूल प्रांगण में विकलांगों ने विश्व विकलांग दिवस की उपादेयता पर सवालिया निशान जड़ते हुये कहा कि वैसे तो विकलांगों के प्रति प्रेम और दया दर्शाने के लिये सरकारें नाना प्रकार की नौटंकी करती हैं लेकिन जब बात उन्हें उनके अधिकार देने की आती है तो सभी सरकारें अपने पांव सिकोडने लगती हैं। विकलांगों को किसी दया की जरूरत नहीं है बल्कि उन्हें वास्तव में अगर स्वावलंबी बनाना है तो उन्हें उनके अधिकार देकर ही यह सब किया जा सकता है। सभा करने के बाद विकलांगों का हजूम जुलूस की शक्ल में तहसील पहुंचा और एस ज्ञापन एसडीएम को दिया जिसमें प्रधानमंत्री को इंगित करते हुये कहा गया कि विकलांग अधिकार अधिनियम 2014 को तुरंत पारित किया जाए, विकलांग आयोग का गठन कर, देश के विकलांगजन जो विकलांग हितों में संघर्षरत हैं, को शामिल किया जाए, योग्यतानुसार विकलांगजनों के लिए रोजगार की व्यवस्था की जाए, पूरे देश के विकलांगजनों के पेंशन हेतु सामान नीति बनाई जाए और कम से कम पांच हजार रुपए मासिक पेंशन दी जाए, विकलांगजनों को पंचायत से संसद तक चार प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण दिया जाए, समय-समय पर माननीय न्यायालय द्वारा विकलांग हितों के संदर्भ में किए जाने वाले फैसलों को अविलंब लागू कराया जाए, बधिर विकलांग साथियों को वाहन चालन प्रमाण पत्र (ड्राइविंग लाइसेंस) दिया जाये, विकलांगजनों को शिक्षित करने वाले विशेष शिक्षक जनों को स्थाई किया जाए और पूरे देश में उनके लिए सामान नीति बनाई जाए, विकलांग कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए, विकलांग खिलाडियों को सामान्य खिलाडियों के समान सुविधा और नियुक्ति में वरीयता दी जाए, विकलांग विवाह प्रोत्साहन हेतु प्रचार प्रसार तथा प्रोत्साहन राशि न्यूनतम 80,000 रुपए की जाए, निःशक्तजनों को नौकरी में आरक्षण 10 फीसदी किया जाए एवं रिक्त पदों को पूर्ण किया जाए, विकलांग जनों को टोल टैक्स मुक्त किया जाए, विकलांगजनों को रेलवे के प्रत्येक बोगी में दो सीटें आरक्षित की जाएं। विकलांगजन हेतु शासन द्वारा प्रदत्त योजनाओं की जानकारी विकलांग जन तक पहुंच सके जिसके लिए भारत सरकार का टोल फ्री नंबर जारी किया जाये एवं समय समय पर योजनाओं का प्रचार प्रसार आदि किया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उनके ज्ञापन में उठाई गई उक्त सभी मांगों को जल्द से जल्द गंभीरता पूर्वक विचार कर पूर्ण कराया जायेगा। इस दौरान गयाप्रसाद अग्रवाल, मोहन लाला, राघवेन्द्र कौशल, संतोष वर्मा, जितेन्द्र कुमार, लल्लूराम, फजल अहमद, रसूल अहमद, कमाल, जावेद, शेखर वर्मा, श्वेता कुशवाहा, आगाज, परमाल सिंह, सियाराम, इकबाल सहित सैकड़ा भर लोग मौजूद रहे।







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