उरई। इस युग में जबकि रिक्शा वाले भी मैकडावल से नीचे किसी अंग्रेजी दारू तक को मुंह न लगाते हो पुलिस एतिहाती गिरफ्तारियों के लिए कच्ची शराब लगाकर बंद करने की पुरानी लीक पर बनी रहकर अपने दिमागी दिवालियेपन का जो सबूत पेश कर रही है उससे उसकी छवि हास्यास्पद होती जा रही है।
ताजा मामला डकोर थाना पुलिस का है जिसने आबकारी एक्ट में किसी गोपाल का चालान प्लास्टिक की कैन में पांच लीटर कच्ची शराब लेकर जाते हुए दर्शाकर किया है। जाहिर है कि इतनी शराब के पीछे यह मंतव्य तो निकाला नही जा सकता कि गोपाल इसे खुद पीने के लिए ले जा रहा होगा। लेकिन अगर पुलिस यह कहना चाहती है कि गोपाल उक्त मात्रा में कच्ची शराब बेचने के लिए ले जा रहा था तो सवाल यह है कि इस युग में कच्ची और देशी शराब के खरीददार कितने बचे हैं जो किसी को कानून तोड़ने की मेहनत करने की जरूरत पड़े।







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