उरई। माधौगढ़ थाना क्षेत्र में ठाकुर की लड़की द्वारा बाल्मीकि युवक को जीवन साथी बनाने का फैसला करने से सामाजिक तनाव व्याप्त हो गया है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में लड़की के पिता की ओर से युवक के खिलाफ उसे अगवा कर ले जाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
घटना माधौगढ़ थाना क्षेत्र के सुल्तानपुरा की है जहां के निवासी श्याम सिंह की 19 वर्षीय पुत्री की आंखे सीएचसी के स्वीपर नीलू से चार हो गई। यह रिश्ता रूढ़िवादिता के कारण लड़की के परिजनों और बिरादरी के लोगों को स्वीकार नही हो सकता था। जिसे देखते हुए खून-खराबे की आशंका जोर पकड़े हुए थी। लड़की ने इससे बचने के लिए प्रेमी के साथ क्षेत्र छोड़कर चले जाने का फैसला किया। इसकी जानकारी परिजनों को तब हुई जब लड़की और उसका प्रेमी छूमंतर हो चुका था। तसल्ली के लिए पुलिस ने लड़की के पिता की तहरीर पर नीलू बाल्मीकि के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 366 का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस संबंध में गौर करने वाली बात यह है कि बाल्मीकि समुदाय के लोगों को जलील करने के लिए जिस परंपरागत संबोधन पर न केवल रोक लगाई जा चुकी है बल्कि उसके प्रयोग को दंडनीय अपराध भी घोषित किया जा चुका है। उस संबोधन से ही पुलिस कार्यालय की डेली क्राइम रिपोर्ट में नीलू को नवाजा गया है। इस डर के बिना कि इसके लिए पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुसूचित जाति, जनजाति उत्पीड़न निवारण अधिनियम का अपराध भी कायम हो सकता है। उन लोगों ने यह हिमाकत की है। नादान जनता को कानून की जानकारी कराने के लिए शिविर आयोजित करने वाले विधिक सेवा प्राधिकरण के जिम्मेदार क्या कानून के रखवालों की इस जुर्रत को संज्ञान में लेने का कष्ट फरमायेगें।






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