जालौन-उरई। प्राइवेट लोगों के हाथों में बैंकिंग सेवा का दायित्व सौंपना ग्राहकों के साथ-साथ प्रतिष्ठित बैंकों की साख पर भी भारी पड़ रहा है। मोहल्ला भवानीराम स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक का लोगों द्वारा जमा की गई रकम हड़पकर लापता हो जाना शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। बैंक प्रबंधक इस मामले में कार्रवाई करने में अनभिज्ञता प्रकट कर रहे हैं। एक पीड़ित ग्राहक ने कोतवाली में तहरीर दे दी है जिसके बाद पुलिस ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक की तलाश में जुट गई है।
स्थानीय भवानीराम मोहल्ले में स्टेट बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र संचालित है जिसमें रोशनी पुत्री संतोष निवासी लौना ने गत् 15 जनवरी को खाता खुलवाकर 20 हजार रुपये जमा करवाये थे। ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक ने रकम की पोस्टिंग उसकी पासबुक में तो कर दी लेकिन रकम बैंक में नही भेजी। जब रोशनी को इसका पता चला तो उसके हाथों के तोते उड़ गये। उसने बैंक प्रबंधक से शिकायत की जिस पर बैंक प्रबंधक ने इसमें गलती तो मानी लेकिन कोई कार्रवाई करने में असमर्थता जताई। हारकर रोशनी ने कोतवाली पुलिस की शरण ली। उपनिरीक्षक महाराज सिंह मामले की जांच कर रहे हैं लेकिन आरोपी के फरार होने से इसका खुलासा नही हो पा रहा है। जनचर्चा यह है कि उक्त सेवा केंद्र द्वारा कई ग्राहकों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी की जा चुकी है। अगर स्टेट बैंक के प्रबंधन ने इस मामले में एक्शन नही लिया तो बैंक की साख चैपट हो जायेगी।







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