रूरा मल्लू में कृषि गोष्ठी उरई। कृषि विज्ञान केंद्र रूरा मल्लू जालौन द्वारा आज विश्व मृदा दिवस जनपद के कि
सान भाइयों के साथ धूमधाम से मनाया गया है। इस मौके पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्र के अध्यक्ष/वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. राम प्रकाश ने कृषकों से अपील की कि वे अपने खेतों की मिट्टी का परीक्षण अवश्य कराएं जिससे कि हमारे कृषक भाइयों को मृदा के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त कृषकों द्वारा पूंछे प्रश्न के जबाव में बताया कि चने की फसल में लगने वाले कीड़ों के बचाव कीटनाशक दवायें जैसे मोनोक्रोटोफांस 2 मिली प्रति लीटर पानी में घोल कर शुरूआती अवस्था में छिड़काव कर दें।
केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. एस.एल. वर्मा ने कृषक भाइयों से कहा कि पशुओं में पशु पालक भाई नस्ल सुधार अवश्य करें ताकि पशुओं खास तौर पर गायों में दुग्ध देने की क्षमता में बढ़ोत्तरी हो तथा साथ ही गाय के गोबर को खाद के रूप में प्रयोग कर मृदा की जीवांश मात्रा बढ़ायें।
केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डाॅ. खलील खांन ने बताया कि किसान भाई मृदा नमूना 6 इंच गहराई से मृदा खोद कर एक खेत से पांच-छह जगह से नमूना एकत्रित कर मिट्टी का ढेर लगा दें तथा उस ढेर को चार भागों में बांट कर आमने-सामने के दो भाग अपने पास रख लें शेष मिट्टी फेंक दें। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहे जब तक कि आधा किलों मिट्टी न रह जाये ये आधा किलो मिट्टी को एक कपड़े की थैली में भरकर उसमें एक पर्ची पर कृषक का नाम, गांव का नाम, पिछली बोई गई फसल का नाम, ब्लाॅक, तहसील तथा आगे बोई जाने वाली फसल का नाम एवं खसरा संख्या सहित लिख कर मृदा परीक्षण प्रयोगशाला भेज दें। मृदा परीक्षण के उपरान्त कृषक भाइयों को उर्वरक संस्तुत पत्र प्राप्त हो जोयगा। जिसके अनुसार किसान भाई उर्वरकों का प्रयोग करें।
प्रसार वैज्ञानिक डाॅ. नरेश चंद्रा ने कृषक भाइयों से कहा कि अधिक से अधिक कृषक भाई मृदा परीक्षण करायें जिससे किसान भाइयों के हाथ में मृदा स्वास्थ्य कार्ड रहे। उपस्थित किसान भाइयों से अपील की जो कृषक भाई इस गोष्ठी में नही आ पाये हैं उन्हें भी यह जानकारी एक कृषक दूसरे कृषक को दें।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री अयोध्या प्रसाद भारती पूर्व मंडी सचिव ने कृषकों को बताया कि कृषक भाई अपनी मृदाओं का स्वास्थ्य बरकरार रखें। क्योंकि मृदा ही मुख्य जीविका है। साथ ही सलाह दी कि सूक्ष्म पोषक तत्वों का भी प्रयोग करें एवं कृषि वैज्ञानिकों के लगातार संपर्क में रहें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी अध्यक्ष किसान क्लब ने कृषि वैज्ञानिकों की तारीफ करते हुए बताया कि जनपद के सुदूर क्षेत्रों में जहां पर पहुंच नही थी अपनी पहुंच बनाई है तथा किसान भाई कृषि वैज्ञानिकों से लगातार संपर्क में रह कर खेती कर रहे हैं व लाभ ले रहे हैं। साथ ही अपील की गई कि मृदा परीक्षण कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड जरूर ले लें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे केपी सिंह मुख्य एडीटर धमाका मीडिया ने कृषकों से अपील की कि वे अपनी मिट्टी का स्वास्थ्य बरकरार रखें। हरी खादें जैसे सनई, ढैंचा आदि प्रयोग करें साथ ही कहा कि जिससे मृदा का स्वास्थ्य बरकरार रहेंगा व वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई तकनीकों का पालन करें तो लाभ अवश्य मिलेगा।
इस मौके पर जनपद के 125 कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये गये। जिसमें चाकी (माधौगढ़) से अबरार अहमद, रूरा जैतिया (कुठौंद) से राधेश्याम त्रिपाठी, कुठौंद से नृपत सिंह, शिवमंगल सिंह सहित सैकड़ों कृषक उपस्थित थे।






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