छिटपुट बबाल की खबरों के बीच 81.54 फीसदी वोट पड़े तीसरे चरण में
कोंच में 84.88 जबकि नदीगांव ब्लॉक में हुआ 78.04 फीसदी मतदान
गजब का उत्साह दिखा इस चुनाव में

कमिश्नर, डीआई
जी, डीएम और एसपी ने भी लिया मतदान का जायजा
कोंच-उरई। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में प्रधानी व ग्राम पंचायत सदस्यों के लिये शनिवार को कोंच एवं 05orai03नदीगांव ब्लॉकों में वोट डाले गये। दोनों ब्लॉकों में औसतन 81.54 प्रतिशत मतदान की खबर है। छिटपुट बबाल की खबरों के बीच कुल मिला कर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया। बसोब बूथ पर एक मतदाता ने शिकायत दर्ज कराई कि महिला मतदान कर्मी गलत फोल्ड करके बैलट पेपर मतदाताओं को दे रही थी जिसके चलते अधिकांश वोट अबैध होने की आशंका है। इस बात को लेकर वहां काफी बबाल कट गया, हालांकि प्रशासन ने इन खबरों को निराधार बताया है और महज एक मतपत्र का मामला बताया है। चूंकि प्रधानी का चुनाव था और एक एक वोट पर चुनाव कसा हुआ था इसलिये मतदाताओं में भारी उत्साह दिखा। मतदान का कुछ प्रतिशत उन गांवों में कम रहा जिनके पोलिंग सेंटर दूसरे गांवों में बनाये गये थे। मंडलायुक्त के राममोहन राव, डीआईजी अजयमोहन शर्मा, डीएम रामगणेश, एसपी एन कोलांची, अपर जिलाधिकारी आनंदकुमार, एएसपी शकील अहमद ने भी दोनों ब्लॉकों के दर्जनों मतदान केन्द्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने शांतिपूर्ण मतदान के लिये क्षेत्रवासियों को बधाई भी दी। प्रेक्षक चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने पल पल जानकरी ली।05orai04
प्रधानी व ग्राम पंचायत सदस्यों के लिये कोंच एवं नदीगांव ब्लॉकों में आज वोट डाले गये। प्रधानी की 138 सीटों के लिये 1203 प्रत्याशियों का भाग्य आज मतपेटियों में बंद हो गया। कोंच ब्लॉक में 84.88 फीसदी मतदान की खबर है जबकि नदीगांव विकास खंड में अपेक्षाकृत कम मतदान हुआ, मिली जानकारी के मुताबिक यहां 78.04 फीसदी मतदान हुआ है। दोनों विकास खंडों में कुल 239 मतदान केंद्रों पर मतदान संपन्न हुआ। ब्लॉक कोंच के ग्राम बसोव में बूथ पर मतदानकर्मी द्वारा गलत फोल्ड करके मतपत्र देने का आरोप लगा, लोगों को वोट अबैध होने की आशंका है। उधर, सीमावर्ती मध्यप्रदेश से लगती बीहड़पट्टी कुछ गांवों में फर्जी मतदान की भी खबरें मिली हैं जिन्हें प्रशासन ने अफवाह बताया है। सुबह सुबह मतदाता उत्साह के साथ घरों से निकले और वोटों का शुरूआती प्रतिशत ठीक ठाक रहा, यहां तक कि अधिकांश वोट पहली खेप में ही पड़ चुके थे जिसके चलते दिन चढे अधिकांश बूथ खाली हो गये और मतदानकर्मी दिन भर मक्खियां मारते रहे। एसडीएम कोंच संजयकुमार सिंह, सीओ मनोजकुमार गुप्ता, एसडीएम कालपी गोलेलाल शुक्ला, सीओ जालौन कुलदीप सिंह, सीओ कालपी महेन्द्रसिंह, सीओ माधौगढ महेन्द्रपाल सिंह आदि भी लगे रहे। कोंच में एसआरपी इंटर कॉलेज और नदीगांव के जिला परिषद् इंटर कॉलेज में बनाये गये स्ट्रांग रूम्स में पोलिंग पार्टियों की आमद भी शुरू हो गई है।

खाट पर पड़ी वृद्धा ने भी डाला वोट
कोंच-उरई। चुाव प्रधानी का है, इस बात का खासा असर चुनाव में दिखा जिसके चलते ढलती उ05orai05म्र05orai06 भी वोट डालने में व्यवधान नहीं बन सकी। कई पोलिंग बूथों पर अति वृद्धों को भी वोट डालने जाते देखा गया। विकास खंड कोंच के ग्राम सामी में 95 साल की वृद्घा सगुन चलने फिरने की छोड़ो, सो
च समझ भी जबाब दे चुकी है लेकिन मतदान का जज्बा उन्हें पोलिंग बूथ तक ले जाने का हौसला देता दिखा और वे अपने बेटों के कंधों पर खटिया सहित वोट डालने मतदान केन्द्र तक पहुंचीं। नदीगांव विकास खंड के ग्राम कैलिया में 80 बर्षीय जगरानी भी अपने नातियों के बाजुओं का सहारा लेकर पोलिंग बूथ तक पहुंची और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

विकलांगों और संतों ने भी वोट डाले
कोंच-उरई। आज का मतदान उत्साह से पूरी तरह लबरेज रहा और मतदान को राष्ट्रीय पर्व समझने बालों की कमी नहीं दिखी। मंदिरों के पुजारी हों या हाथों पैरों से निरूशक्त, सभी पूरे उत्साह के साथ वोट डाल05orai07ने घरों से05orai08 निकले। ऐसे ही नदीगांव ब्लॉक के कैलिया मतदान केन्द्र पर महंत रघुवीरदास अपना वोट डालने केन्द्र तक गये। इसी ब्लॉक के ग्राम देवगांव निवासी विकलांग किशोर भी अपना वोट डालने बूथ पर पहुंचा। उसका कहना था कि आज अगर वह अपना वोट डालने नहीं आया होता तो उसे पूरे पांच साल इस बात का मलाल रहता कि वह अपनी पसंद का ग्राम प्रधान नहीं चुन सका।

जब लड़का महिला का वेश बना कर वोट डालने पहुंचा
कोंच-उरई। ब्लॉक कोंच के ग्राम कैथी में अजीबोगरीब मामला फंसा, एक लड़के को महिला का श्रृंगार करके वोट डालने के लिये महिलाओं की लाईन में लगाया गया था लेकिन स्याही लगाने बाली महिला मतदान कर्मी ने जब उसका हाथ स्याही लगाने को पकड़ा तो खुरदुरा हाथ देख कर उसे कुछ शंका हुई और उसने घूंघट खोलने के लिये कहा लेकिन उक्त तथाकथित महिला ने घूंघट नहीं खोला। मामला जब बढा और उसका घूंघट खोला गया तो लड़के को देख उसकी जमकर पिटाई विरोधी पक्ष के पोलिंग एजेंटों ने कर दी। जैसे तैसे वह लड़का अपनी जान बचा कर भागा।

वाहन नहीं चलने के कारण करनी पड़ी पदयात्रा
कोंच-उरई। आज कोंच इलाके में होने बाले मतदान को लेकर अधिकतर सार्वजनिक 05orai09यातात के वाहन प्रशासन ने अधिग्रहीत कर लिये थे जिसके चलते लगभग सभी रूटों पर नियमित साधनों का पूरी तरह से टोटा रहा जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ा। कैलिया का रहने बाला एक दंपत्ति कोंच से वाहन नहीं मिल पाने के कारण अपने छोटे छोटे बाल बच्चों के साथ पैदल ही गांव की तरफ चल दिया और कई घंटे का सफर तय करके शाम को अपने गांव पहुंचा। ऐसी स्थिति लगभग सभी रूटों पर रही और घर पहुंच कर वोट डालने की मजबूरी ने उन्हें थकाऊ सफर करने तक को मजबूर कर दिया।

सुपर सेंसिटिव बूथों पर खास नजर रही डीएम एसपी की
0सुरक्षा05orai10 के पुख्ता इंतजाम किये गये थे, सुपर सेंसिटिव बूथों पर तैनात रहे अर्द्धसैनिक बल
कोंच-उरई। जालौन में तीसरे चरण के मतदान में दो विकास खंड कोंच और नदीगांव विकासखंडों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। डीएम रामगणेश व एसपी एन कोलांची अपने लाव लश्कर के साथ दोनों ब्लॉकों के सुपर सेंसिटिव तथा सेंसिटिव बूथों पर हर पल नजर रखे हुये थे। 37 सुपर सेंसिटिव प्लस केंद्र बनाए गए थे जिन पर प्रशासन की विशेष नजर रही और यहां अर्द्ध सैनिक बलों को भी तैनाती दी गई थी। इसके अलावा मध्यप्रदेश की सीमा को सील कर दिया गया था जिससे कोई भी बाहरी मतदाता वोट डालने न आ सके। किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए 5 सीओ, 15 इंस्पेक्टर, 89 दरोगा, 84 हैंडकास्टेवल, 900 सिपाही के साथ 800 होमगार्ड, 200 पीआरडी के जवान, 400 चैकीदार के अलावा 1 कंपनी पीएसी को सुरक्षा के लिए लगाया गया था। 9 क्यूआरटी 18 क्लस्टर मोबाईल और 14 थाना मोबाईल क्षेत्र में लगातार भ्रमण के लिये लगाये गये थे।

बसोव में मतदानकर्मी की बजह से कटा बबाल
05orai11 05orai12कोंच-उरई। आज तीसरे चरण का चुनाव लगभग शांतिपूर्वक संपन्न होने को ही था कि आखिरी क्षणों में विकास खंड कोंच के ग्राम बसोव में बबाल कट गया। बताया गया है कि वहां एक पोलिंग बूथ पर मतदान कराने बाली एक महिला कर्मी अभिलाषा ने मतदाताओं को बैलट पेपर का गलत फोल्ड करके दे दिया जिसकी बजह से कई मतपत्रों के अबैध होने की आशंका जताई जा रही है।
महिला मतदानकर्मी द्वारा दिये गये बैलट पेपर को उसी के फोड से मोडने पर एक मतदाता ने मतपत्र को जब दोबारा खोल कर देखा तो उसकी मोहर की स्याही का निशान दूसरे प्रत्याशी के खाने में भी लग गया। इसी पर उसने बबाल काटना शुरू कर दिया और लोगों ने इस बात की आशंका जताई कि ऐसे सैकड़ों मतपत्र हो सकते हैं। बबाल की खबर सुन कर डीएम रामगणेश व एसपी एन कोलांची ने तत्काल एसडीएम कोंच संजयकुमार सिंह, सीओ कोंच मनोजकुमार गुप्ता व कोतवाल रूद्रकुमार सिंह को स्थिति देखने के लिये भेजा। अधिकारियों ने वहां पहुंच कर बबालियों को खदेड़ा और वस्तुस्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों के मुताबिक कोई बहुत बड़ा बबाल नहीं था, महज एक मतपत्र का मामला था और स्थिति को सुलझा लिया गया है। यहां चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी रामसिंह उर्फ कढोरे राजपूत ने आरोप लगाया है कि पीठासीन अधिकारी जानबूझ कर दूसरे प्रत्याशी को फायदा पहुंचाने की गरज से बैलट का फोल्ड ऐसा बनाया कि सैकड़ों वोट अबैध हो गये। हालांकि आरओ और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस तरह के आरोपों को सिरे से नकारते हुये बताया है कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत लिखित में नहीं दी गई है।

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