उरई। एसटीएफ अधिकारी बनकर लोगों के साथ ठगी करने वाले एक शातिर अपराधी को जिले की एसओजी टीम ने गिरफ्तार किया है।
जिस पर जनपद औरेया से पांच हजार का इनाम भी घोषित किया जा चुका था। पुलिस ने पकड़े गये आरोपी के कब्जे से वर्दी, तंमचा व नकली पिस्टल और एक फर्जी कार भी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची ने शातिर इनामी को पकड़ने वाली टीम के प्रत्येक सदस्य को पांच-पांच हजार रुपये इनाम देकर उनका उत्साह वर्धन किया है।
गौरतलब है कि जिला नागपुर निवासी प्रवीण पुत्र गजानन ने पुलिस अधीक्षक जालौन को शिकायती पत्र सौंपा था कि जितेंद्र परिहार पुत्र प्रताप सिंह निवासी ग्राम भिटौली ने उसके साथ एसटीएफ का दरोगा बनकर ठगी की है। फर्जी पुलिस अधिकारी की जानकारी पाते ही उक्त प्रकरण की जांच स्वाॅट टीम को सौंपी गई थी। जिस पर गहनता से छानबीन हुई तो ज्ञात हुआ कि जितंेद्र परिहार बड़े ही शातिर किस्म का अपराधी है। उस पर जिला औरेया में लूट का मुकदमा भी दर्ज है और जनपद के रामपुरा थाने में भी उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इसके साथ ही औरेया जिले से उस पर रासुका भी तामील की जा चुकी है। जितेंद्र के जघन्य अपराधों के कारण उस पर औरेया पुलिस अधीक्षक ने पांच हजार का इनाम भी घोषित किया है। सटीक सूचना मिलते ही स्वाॅट टीम प्रभारी अनुराग चैधरी ने सर्विलांस की मदद से उसे शहर के बंबी रोड से खोज निकाला और उससे पूंछतांछ की तो पता चला कि उसने कई लोगों के साथ नकली दरोगा बनकर ठगी की है। पकड़े गये जितेंद्र के पास से स्वाॅट टीम ने उत्तर प्रदेश पुलिस के उपनिरीक्षक की वर्दी, टाटा इंडिको कार व एक नकली पिस्टल और 10 हजार रुपये नगद बरामद किये। साथ ही टीम ने तंमचा और कारतूस भी उसके कब्जे से बरामद किये हैं। गिरफ्तारी के बाद उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। खुलासे के बाद पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची ने टीम के प्रत्येक सदस्य को पांच-पांच हजार रुपये का पुरस्कार देकर उत्साह वर्धन किया है।






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