0 एसपी दफ्तर के बाबू पर गिरी वेतन कटौती की गाज
0 हाजिरी रजिस्टर एसपी ने किया अपनी कस्टडी में
12065564_1515048802143994_20145587447710710_nउरई। पुलिस अधीक्षक की नाक के नीचे ही उनकी आंखों में धूल झोकने से इंस्पेक्टर और दरोगा बाज नही आ रहे जिससे विभागीय अनुशासन की धज्जियां उड़ रही हैं। चर्चा के माध्यम् से यह बात संज्ञान में आने के बाद आज पुलिस अधीक्षक ने सतर्कता दिखाई तो मामला रंगे हाथो पकड़ लिया गया। फिलहाल पुलिस कार्यालय की उपस्थिति पंजिका को मेनटेन करने वाले बाबू का एक दिन का वेतन काट दिया गया है। उसके खिलाफ पेशगार को जांच सौंप दी गई है।
क्राइम ब्रांच का गठन गंभीर अपराधों की तफ्तीश के लिए किया गया है लेकिन इसमें तैनाती को इंस्पेक्टर कालापानी की सजा मानते हैं। जिसकी वजह से यह नाकारा और कर्तव्यहीन इंस्पेक्टरों का डंपिंग ग्राउंड बनकर रह गया है। इसमें तैनात ज्यादातर इंस्पेक्टर ड्यूटी से मुंह चुराकर फिर किसी कोतवाली, थाने का चार्ज हासिल करने के लिए नेताओं के घरों के चक्कर लगाने या कानपुर अथवा दूसरे शहरों में रह रहे अपने बाल-बच्चों की सेवा खुशामद के लिए चले जाते हैं। उन्हें इसके लिए छुट्टी लेने की जरूरत महसूस नही होती। बजाय इसके वे लोग पुलिस कार्यालय के बाबू को सेट किये हुए हैं। उसे रुपये देकर हाजिरी रजिस्टर में आने वाले कई दिनों की उपस्थिति एडवांस चढ़वा लेते हैं।
पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची को अपने सूत्रों से जब इसकी खबर मिली तो आज दफ्तर में पहुंचते ही सबसे पहले उन्होंने क्राइम ब्रांच का हाजिरी रजिस्टर तलब किया। उन्होंने रजिस्टर देखा तो दंग रह गये जिसमें 9 दिसंबर तक की हाजिरी इंस्पेक्टरों ने चढ़ा रखी थी। यही नही क्राइम ब्रांच में तैनात पांचों इंस्पेक्टरों के हस्ताक्षर एक ही राइटिंग के थे और पुलिस कार्यालय में एक के अलावा कोई इंस्पेक्टर मौजूद नही था।
पुलिस अधीक्षक ने इंस्पेक्टरों की इस हिमाकत को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने रजिस्टर अपने कब्जे में कर लिया और अपने रीडर से बाबू के आचरण की जांचकर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही बाबू का एक दिन का वेतन काटने की भी कार्रवाई कर दी। पुलिस अधीक्षक के इन तेवरों से पूरे पुलिस कार्यालय और विभाग में हड़कंप मच गया है।

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