12065564_1515048802143994_20145587447710710_nकोंच-उरई। गत् 27 सितंबर को मां सिंह वाहिनी मंदिर के पास दुष्कर्म के बाद अधजली हालत में फेंके गये युवती के शव के मामले का खुलासा अभी तक नही हो पाया है। जबकि एक चश्मदीद इस मामले में सामने आकर पुलिस के समक्ष आरोपियों के नाम बेनकाब कर चुका है। लेकिन पुलिस उसके बयान को झुठलाकर केस की लीपापोती में जुटी हुई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष द्वारा इस मामले में आईजी जोन को ज्ञापन भेजे जाने से मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है।
उक्त सनसनीखेज मामले के खुलासे को पहले पुलिस अपने लिए गंभीर चुनौती मान रही थी। लेकिन बाद में उसने रहस्यमय कारणों से चुप्पी साध ली। इस मामले में घटना के तत्काल बाद मंडी स्थित बलखंडेश्वर मंदिर के पुजारी देवेंद्र कुमार सीरौठिया ने कोंच पुलिस के सामने पहुंचकर बताया था कि 26 सितंबर को रात साढ़े नौ बजे उन्होंने अपने मंदिर के बगीचे में चार लोगों को एक लड़की के साथ जबरन दुष्कर्म करते देखा था बाद में उसी लड़की का शव अगले दिन सिंहवाहिनी मंदिर के पास पड़ा पाया गया।
बलखंडेश्वर मंदिर के पुजारी ने इस सिलसिले में चार लोगों के नामों का भी खुलासा अपने बयान में किया। जो कि सफेद पोश परिवारों से जुड़े होने के कारण समाज में प्रभावशाली स्थान रखते हैं। इसलिए पुलिस इस मामले में कार्रवाई से पीछे हट गई। उसने पुजारी के बयान को झूठा बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। पुजारी ने बाद में पांच नबवंर को उच्चाधिकारियों को भी इस सिलसिले में प्रार्थना पत्र भेजे लेकिन ताजुब्ब यह है कि पुलिस के बड़े अधिकारी भी इस मामले में खामोशी अख्तियार करने को मजबूर हो गये है जिससे आरोपियों की पहुंच का अनुमान लगाया जा सकता है। पुजारी को उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजे महीने भर से अधिक समय हो गया फिर भी अधिकारियों की ओर से कोई एक्शन नही लिया गया है। पुजारी व अन्य लोग इससे बेहद निराश हैं।
हालांकि इसी बीच गुफरान अहमद सिददीकी के आईजी जोन को भेजे गये ज्ञापन से फिर कार्रवाई की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। उक्त ज्ञापन में गुफरान अहमद सिददीकी ने साफ कहा है कि ऐसे जघन्य अपराध के आरोपी छोड़े नही जाने चाहिए भले ही वे कितने भी प्रभावशाली क्यो न हो।

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