उरई। पंचायत चुनाव के कारण पुलिस बल की कमी होने की वजह से शहर की यातायात व्यवस्था फिर से लड़खड़ा गई है। जिसके चलते घंटाघर चैराहा सहित व्यस्ततम् चैराहो पर रोजाना घंटा-डेढ़़ घंटा जाम लगना आम बात हो गई है।
पिछले पांच वर्षों में शहर में दोपहिया के साथ-साथ चार पहिया वाहनों के भी बूम से यातायात व्यवस्था का बुरा हाल हो गया था। शहर में हरदम जाम की स्थिति बनी रहती थी जिसके कारण न तो कर्मचारी समय पर दफ्तर पहुंच पा रहे थे और न ही बच्चे समय पर स्कूल। आम आदमी की दिनचर्या भी जाम की वजह से समय की घंटो की बर्बादी के कारण अस्त-व्यस्त हो गई थी। इसी के चलते पिछले पुलिस अधीक्षक सुनील सक्सेना ने शहर में यातायात को व्यवस्थित करने की चुनौती को अपनी सर्वोपरि प्राथमिकता में शामिल किया। उन्होंने भगत सिंह चैराहे पर नगर पालिका के सहयोग से ट्रैफिककर्मी के लिए स्थाई प्लेटफार्म बनवाने के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस की पूरी जनशक्ति शहर के ट्रैफिक को संभालने के लिए झोंक दी। इसकी वजह से काफी हद तक शहर में आवागमन सुचारू हो गया था और लोग सुकून महसूस करने लगे थे।
लेकिन लंबे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पुलिस के व्यस्त हो जाने से ट्रैफिक व्यवस्था फिर से लावारिस हो गई है। नतीजतन जाम की स्थिति जहां की तहां पहुंच गई है। परेशान शहरवासी जाम के कारण घंटो समय की बर्बादी का दंश झेलते हुए जिले के अधिकारियों को कोसने को मजबूर हो रहे हैं।






Leave a comment