0 10 माह से नही मिला मानदेय
उरई। दो वक्त की रोजी-रोटी के लिए 24 घंटे राजकीय मेडिकल कालेज में सफाई करने वाले संविदा कर्मी शासन और मेडिकल कालेज प्रशासन की लापरवाही की वजह से भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। दस माह से मानदेय न मिलने के दौरान दो बार वह पहले भी चेतावनी स्वरूप विरोध प्रदर्शन कर चुके थे, लेकिन कालेज प्रशासन के सख्त रुख अख्तियार न करने से इन्हें मानदेय मिला। इतना ही नहीं, दीपावली पर भी आर्थिक तंगी के कारण यह लोग दीप पर्व नहीं मना सके। यही वजह रही है कि आखिर में इन्हें अपने परिवार की खातिर हड़ताल करनी पड़ी है। सोमवार को मेडिकल कालेज में ओपीडी के बाहर नारेबाजी बाद इनसे बाद की गई तो आर्थिक संकट की व्यथा बताते-बताते इनकी आंखों से आंसू आ गए।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल राजकीय मेडिकल कालेज में काम करने वाले संविदा कर्मियों की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो जाएगी, ऐसा इन संविदा कर्मियों ने कभी सोचा भी नहीं था। उम्मीद थी कि दीपावली तक उन्हें मानदेय मिल ही जाएगा, पर नहीं मिला। ऐसे में पहले तो त्योहार के वक्त आर्थिक संकट झेलना पड़ा और दीपावली के बाद से जिस तरह कालेज प्रशासन और ठेकेदार ने बेरूखी की उससे तो नहीं हिम्मत ही टूट गई और अंत में इन संविदा सफाई कर्मियों ने आंदोलन का रास्ता अपना लिया। जिसकी वजह से मेडिकल कालेज की इमरजेंसी व इनडोर सेवाएं ठप हो गई है।






Leave a comment