कोंच-उरई। राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाये जाने के राज्य सरकार के फैसले को गलत ठहराते हुये अपना जो फैसला दिया था उसे सर्वोच्च न्यायालय ने पलट कर शिक्षामित्रों को जो राहत दी है उससे उनके चेहरों पर अजीब सी खुशी है, उन्होंने एससी से मिली राहत को शिक्षामित्रों के लिये संजीवनी बताते हुये कहा है कि इस फैसले ने अवसाद ग्रस्त शिक्षामित्रों में नई ऊर्जा का संचार किया है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूपी हाईकोर्ट के फैसले को पलट कर शिक्षामित्रों को राहत दिये जाने का समाचार जैसे ही समाचार माध्यमों द्वारा प्रसारित हुआ, यहां शिक्षामित्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षामित्रों की एक आपात बैठक यहां गायत्री देवी शुक्ला के आवास पर मुकेशकुमार दुवे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उत्तरप्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के ब्लॉक कोंच अध्यक्ष दयाशंकर प्रजापति ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुये हर्ष जताया है, उन्होंने कहा कि यह लाखों शिक्षामित्रों के भविष्य का सवाल है और हाईकोर्ट के फैसले ने हमारे कई शिक्षामित्र भाईयों को हमसे इतना दूर भेज दिया है कि अब उनकी यादें ही स्मृति पटल पर शेष हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकार के प्रति आभार ज्ञापित किया है कि उन्होंने अंधेरे में जाते शिक्षामित्रों के भविष्य को बचाने का काम किया है। इस दौरान रामप्रकाश वर्मा, ऋषिराज श्रीवास्तव, अनिलकुमार हथनौरा, प्रदीप अमीटा, आराधना निरंजन छानी, गायत्रीदेवी शुक्ला, प्रेमकिशोर, प्रदीप संतोष, रजनी चतुर्वेदी, ऋषि सिंह जरा, सचिन कुमार, अंजनी खरे, महेन्द्र कूंड़ा, ज्योति व्यास आदि मौजूद रहे। बैठक के बाद हर्षातिरेक में शिक्षामित्रों ने बाहर निकल कर सरकार और सर्वोच्च न्यायलय जिंदाबाद के नारों के साथ विजय चिन्ह प्रदर्शित किया।






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