जालौन-उरई। खनन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए बालू ढो रहे 13 ट्रक और 2 ट्रैक्टर पकड़ लिए और उन्हें कोतवाली में खड़ा करा दिया। खनन विभाग की टीम के चैकिंग अभियान की जानकारी मिलते ही बालू ढो रहे दूसरे ट्रक रास्ते में जहां के तहां खड़े हो गये। हालांकि शाम को जैसे ही विभाग की टीम ने आंखे फेरी फिर बालू से भरे ट्रक और ट्रैक्टर बदस्तूर सड़कों पर चल पड़े।
खनिज विभाग की टीम मंगलवार को अपना जौहर दिखाने के लिए सड़कों पर उतर पड़ी। खनिज विभाग की टीम को आज अपना वरदान वापस लेकर बालू ढो रहे वाहनों पर कार्रवाई करते देख लोग चैंके बिना नही रहे। टीम में पंकज कुमार, विनोद कुमार व श्रीप्रकाश श्रीवास्तव शामिल थे। टीम ने 13 ट्रक व दो ट्रैक्टर पकड़ कर खलबली मचा दी। लोग खनिज विभाग की कार्रवाई पर यह कहते सुने गये कि सूरज पश्चिम से निकलने जैसा करिश्मा आज खनिज विभाग ने कैसे कर दिखाया। इसे लेकर जितने मुंह उतनी बातें सुनी जा रही थी। बहरहाल दिन भर इस कार्रवाई की वजह से बालू भरे वाहन थमें रहे जिससे दूसरे वाहन चालकों को काफी सुकून रहा।
न्यायपालिका की आंखों में धूल झोंकने के लिए होती है छिटपुट कार्रवाई
जानकारों ने बताया कि खनिज विभाग बालू भरे वाहनों का महीने में एक दो बार चालान न्यायपालिका की आंखों में धूल झोंकने के लिए करता है। दरअसल इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जिले में बालू खनन पर कई महीनों से रोक लगा रखी है। इसके बावजूद एक भी दिन ऐसा नही गुजरा जबकि बालू खनन बंद हुआ हो बल्कि तमाम ऐसे निजी खंडों में इस दौरान अंधाधुंध बालू खनन कराकर न्यायपालिका के आदेश की धज्जियां उड़ाई गई। जिनके लिए किसी तरह की परमीशन या परमिट नही था। यह कारगुजारी कहीं अदालती कार्रवाई के झमेले में अधिकारियों को न फंसा दे इस सतर्कता के तहत महीने में एक-आध बार दर्जन भर वाहनों को बंद करके जबाब का यह आधार तैयार कर लिया जाता है कि प्रशासन चोरी छिपे खनन की जानकारी मिलने पर कार्रवाई करने से पीछे नही रहता। प्रशासन को खबर ही न मिल पाये तो बात दूसरी है वरना प्रशासन के लिए यह कहना कि खनन कराने में उसका सहयोग है निराधार है। इसी रणनीति के तहत आज की कार्रवाई को भी देखा जा रहा है। हास्यास्पद यह है कि बालू भरे ट्रकों का तो चालान किया गया लेकिन बालू कहां से आई यह उनके चालकों से पूंछना खनन अधिकारियों को गंवारा नही हुआ। जबकि जिन घाटों से यह बालू उठाकर लाई गई है उनके पटटे निरस्त कर उनके संचालकों के खिलाफ मुकदमें दर्ज कराने की कार्रवाई भी अपरिहार्य रूप से होनी चाहिए।
मिट्टी के अवैध खनन में जिला सबसे आगे
जहां तक मिट्टी के अवैध खनन की बात है जालौन जिला इसमें पूरे प्रदेश में सबसे आगे हो गया है। सफेद पोश नेता अधिकारियों से मिलकर रोजाना सैंकड़ों ट्रैक्टर मिट्टी खुदवाकर कई हैक्टेयर उपजाऊ जमीन को बेकार करने में लगे हैं। लेकिन किसी को इसकी वजह से उत्पन्न होने वाले पर्यावरणीय और खाद्य सुरक्षा के खतरे का इल्म नही है। जालौन में तो कोतवाली के सामने से मिट्टी भरे ट्रैक्टरों का कारवां ऐसे गुजरता है जैसे देश की राजधानी के राजपथ पर वाहनों की परेड चल रही हो। परगना अधिकारी से लेकर खनन विभाग तक सबको इस कारगुजारी की भलीभांति मालूमात है लेकिन जब हर जगह हिस्सा पहुंच रहा हो तो रोकने की गुस्ताखी कोई क्यों करे।






Leave a comment