09orai08उरई। महेवा और कदौरा विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में आज चैथे और अंतिम चरण में मतदाताओं में अभूतपूर्व उत्साह नजर आया। इस चरण में कदौरा ब्लाॅक की आटा ग्राम पंचायत सबसे अधिक सुर्खियों में रही। जहां प्रदेश में सर्वाधिक 47 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिसके लिए राज्य चुनाव आयोग को अलग से मतपत्र प्रकाशित कराने की इजाजत जिला प्रशासन को देनी पड़ी। अंतिम चरण में जिले में 76.35 फीसदी मतदाताओं ने मत प्रयोग किया।
सबसे अधिक प्रत्याशियों वाली आटा ग्राम पंचायत में मतदान के लिए बेनी माधव तिवारी इंटर काॅलेज स्थित मतदान केंद्र के सभी बूथों पर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें देखी गई। परिसर में महिलाएं बड़ी संख्या में झुंड में बैठी नजर आईं। उधर रेलवे स्टेशन परिसर को प्रत्याशियों ने अपने चुनावी दफ्तर में बदल दिया था। जिसकी वजह से वहां पोस्टरों बैनरों व उम्मीदवारों के कार्यकर्ताओं की भरमार दिखाई दी। भीड़ की वजह से दिन भर स्टेशन का गेट जाम रहा। इस ग्राम पंचायत में सबसे ज्यादा बुलंद जलवा शिलाजीत बेचने वाले खाना बदोश परिवार के उम्मीदवार को देखा गया। उल्लेखनीय है कि इस समुदाय के दर्जनों परिवार लगभग एक दशक पहले से गांव में ग्राम सभा की जमीन पट्टे पर हासिल कर आबाद हो गये थे। अधिक उम्मीदवार और खानाबदोश समुदाय के एक मुश्त वोटों के समर्थन की वजह से उक्त उम्मीदवार का पलड़ा भारी माना जाना लाजिमी है।
उधर महेवा ब्लाॅक की सरसेला ग्राम पंचायत में कांगे्रस विधायक उमाकांति की पुत्र वधू के उम्मीदवार होने से चुनाव का नजारा काफी रोचक रहा। पुलिस उपाधीक्षक महेंद्र कुमार क्षेत्र में भ्रमण कर संदिग्ध प्रतीत होने वाले मतदाताओं के परिचय पत्र देखते रहे जिससे उपद्रवियों में भय व्याप्त रहा।

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