न्यामतपुर-उरई। ग्राम पंचायत चुनाव के मतदान के दौरान न्यामतपुर में हिंसा भड़क गई। फर्जी मतदान को लेकर दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गये। इस दौरान जोरदार पथराव में थानाध्यक्ष की जीप टूट गई। खुद थानाध्यक्ष सहित चार पुलिस कर्मी घायल हो गये।
न्यामतपुर में जिला पंचायत के चुनाव से ही माहौल तनावपूर्ण था। प्रधानी के प्रत्याशियों में चुनाव के दौरान पहले दिन से ही जमकर तलवारें खिचीं रहीं। इसी के चलते पूर्व प्रधान बुद्ध सिंह को एक बूथ पर मतदान के लिए जबर्दस्ती करते देख जैसे ही यह अफवाह फैली कि वे फर्जी मतदान करा रहे हैं। दूसरे प्रत्याशी रामचरन यादव के समर्थक दौड़े चले आये। पहले दोनों दलों में बहस हुई जिसने कुछ ही देर बाद उग्र संघर्ष का रूप ले लिया। दोनों ओर से अंधाधुंध पत्थर बाजी शुरू हो गई। थानाध्यक्ष रजनीश बाबू कटियार ने दोनो पक्षों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया लेकिन बीच-बचाव में वे और कुछ और पुलिस कर्मी खुद को ही चुटहिल करा बैठे। इसके बाद सिरसाकलार के अलावा चुर्खी, कुठौंद सहित कई थानों का फोर्स और एसएसबी की कुमुक भेजी गई। गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया तब कही जाकर शांति हो पाई। पथराव में रजनीश बाबू कटियार की जीप भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
बाद में पुलिस ने दो लोगों को उपद्रव फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। जिनमें नंदू पुत्र संतोष यादव और दीपू पुत्र शिवराज यादव शामिल हैं। हालांकि पुलिस पर इकतरफा कार्रवाई का आरोप भी तमाम ग्रामीण जनता लगा रही है।






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