उरई। राजकीय मेडिकल कालेज में संविदा सफाई कर्मियों की हड़ताल से इमरजेंसी व इनडोर सेवाएं बंद होने के बाद बुधवार को बाह्य रोगी सेवाएं भी तालाबंदी के कगार पर पहुंच गईं है। एक-दो दिन में संविदा सफाई कर्मियों को मानदेय न मिला तो गंदगी की वजह से ओपीडी में चिकित्सक व पैरामेडिकल कर्मी बैठना बंद कर देंगे, कारण बुधवार को दुर्गंध की वजह से अधिकांश चिकित्सक थोड़ी ही देर ओपीडी में रोगियों को देखने के बाद बाहर चले गए।
विदित हो कि राजकीय मेडिकल कालेज उरई में आउटसोर्सिंग स्कीम के तहत ठेके पर संविदा सफाई कर्मी तैनात हैं, लेकिन अप्रैल, 2015 से इन्हें अब तक मानदेय नहीं मिला है। दीपावली पर इन कर्मियों को जल्द ही मानदेय दिलवाने का आश्वासन कालेज प्रशासन ने दिया था, लेकिन इसके बाद भी जब इन्हे नवंबर माह के अंत तक मानदेय नहीं मिला तो यह कर्मी हड़ताल पर चले गए। आठवें दिन लगातार हड़ताल जारी रहने की वजह से बुधवार को ओपीडी परिसर में गंदगी का ढेर लग गया। जिसकी वजह से यहां पर भी दुर्गंध का साम्राज्य हो गया है। इस कारण बुधवार को ओपीडी में चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ कुछ ही देर के लिए बैठा। जिससे ओपीडी में भी तालाबंदी के आसार बढ़ गए हैं। चिकित्सकों का कहना था कि अगर एक-दो में सफाई नहीं शुरू हुई तो उन्हें मजबूरन छुट्टी लेकर जाना पड़ेगा, क्योंकि इतनी गंदगी में काम कर पाना संभव नहीं है। दूसरी ओर, बुधवार को भी हड़ताल के दौरान संविदा सफाई कर्मियों ने जमकर नारेबाजी की और कहा कि मानदेय जब तक पूरा नहीं मिलेगा, तब तक वह लोग काम नहीं करेंगे। इस मामले में सीएमएस डा. मेजर रणवीर सिंह का कहना है कि सफाई कर्मियों को मानदेय दिलवाने के लिए शासन स्तर पर प्राचार्य डा. सुरेश चंद्र वार्ता कर रहे हैं। जिससे उम्मीद है कि जल्द ही मानदेय के लिए बजट जारी हो जाएगा और समस्या का समाधान हो जाएगा।






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