12065564_1515048802143994_20145587447710710_nउरई। उरई-डकोर रोड पर बुधवार को देर रात एक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। ये युवक एक बाइक पर सवार थे। अज्ञात वाहन इन्हें टक्कर मारता हुआ निकल गया। रात के सुनसान की वजह से वाहन का पता नही चल पा रहा है।
डकोर थाना क्षेत्र अन्तर्गत जैसारी मोड़ पर बीती रात किसी अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पर सवार तीनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि उक्त युवक उरई में आयोजित विवाह समारोह में भाग लेने जा रहे थे। तीनों ग्राम जैसारी खुर्द के ही निवासी थे जिनके नाम आशू (26वर्ष) पुत्र सुरेश, छोटू (23वर्ष) पुत्र राजेंद्र और गुनीराम पुत्र राजू (28वर्ष) बताये गये हैं।
रात लगभग 10 बजे हुई उक्त घटना के बाद तीनों के शव काफी देर तक सड़क पर पड़े रहे। बाद में रास्ते से गुजरे वाहन सवारों ने जब उनको देखा तो डकोर थाने में सूचना की। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में ले लिए और पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिये। इसी बीच मृत युवकों की पहचान मालूम हो जाने पर उनके परिजनों को बुलवा लिया गया। दुर्घटना के समय रात के कारण सड़क और आसपास कोई मौजूद नही था। इसलिए टक्कर मारने वाले का नंबर नही लिया जा सका है। थानाध्यक्ष ने बताया है कि वे वाहन का पता लगाने के लिए छानबीन करा रहे हैं।

होनहार युवकों की असमय मौत से जैसारी में छाया सन्नाटा
बुधवार रात डकोर थाना क्षेत्र में जैसारी बंबा की पुलिया के पास हुए हादसे में तीन युवकों की मौत की घटना से जैसारी गांव के लोग स्तब्ध रह गए। तीनों युवक इसी गांव के निवासी थे। वे काफी होनहार थे लिहाजा उनके सुनहरे भविष्य को लेकर परिवार वालों ने तमाम सपने देखे थे, परंतु बदकिस्मती ने ऐसा झटका दिया जिससे मृतक युवकों के परिवार शायद पूरी जिंदगी नहीं उबर पाएंगे।
जैसारी गांव निवासी आशु, छोटू, व गुनीराम बुधवार शाम उरई में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए सजधज कर घर से निकले थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि तीनों अब कभी लौटकर नहीं आ सकेंगे। शादी में शरीक होने के बाद रात में ही तीनों बाइक से गांव के लिए रवाना हो गए। गांव की मोड़ पर ही हादसे का शिकार हो गए। तीनों की मौत का पता चलने के बाद उनके परिवार वाले तो बदहवास हो ही गए। गांव के लोग भी स्तब्ध रह गए।
गुरुवार सुबह पूरे गांव में मातम का सन्नाटा था। आवाजें आ रहीं थी तो सिर्फ मृतकों के परिवार वालों के रोने की। मातम का ऐसा मंजर था कि पत्थर दिल इंसान की भी आंखें भर आएं । रोते बिलखते मृतकों के परिवार वालों को जो भी संभालने की कोशिश करता उसकी आंखें भी भर आतीं थीं। बताया जाता है कि तीनों ही युवक जिगरी दोस्त थे। अक्सर तीनों साथ में ही रहते थे, तीनों की जिंदगी भी एक साथ खत्म हुई। अंतिम संस्कार के लिए जब तीनों के शव गांव पहुंचे तो माहौल बेहद गमगीन हो गया।

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